नई दिल्ली : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन INDIA ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर ‘जन महाभियोग’ के नाम से मॉक संसद का आयोजन किया। दिल्ली के 10, राजाजी मार्ग स्थित आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने अध्यक्षता करते हुए की। विपक्ष ने इस आयोजन के जरिए कथित वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।
यह कार्यक्रम पहले शुक्रवार, 30 अक्टूबर को दोपहर 3:30 बजे आयोजित होना था, लेकिन दिल्ली में लगातार बारिश के चलते इसे एक दिन के लिए टाल दिया गया। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि यह कोई दिखावटी संसद नहीं, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का सार्वजनिक महाभियोग है। उन्होंने दावा किया कि इसमें INDIA गठबंधन के नेताओं के साथ-साथ नागरिक समाज के सदस्य भी शामिल होने के लिए उत्सुक हैं।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों को याद करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या एक बड़ी त्रासदी थी, लेकिन इसके बाद सिख समुदाय को सामूहिक रूप से निशाना बनाना और उसे इसकी सजा देना किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 1984 के दंगों में देशभर में 3,325 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें से 2,733 लोग अकेले दिल्ली में मारे गए थे।
पुरी ने कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली के इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक की 42वीं बरसी है। यह दिन उन सिख परिवारों के लिए गहरे दर्द की याद लेकर आता है, जिन्होंने अपने परिजनों को खोया और अपने घरों को जलते हुए देखा। उन्होंने एचएस फूलका के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए चार दशक से अधिक समय तक कानूनी लड़ाई लड़ी। तमाम धमकियों और देरी के बावजूद उन्होंने पीड़ितों की ओर से न्याय की आवाज उठाना जारी रखा।
वहीं, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर वोटों की चोरी कराई जा रही है। तेजस्वी ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से देश का लोकतंत्र कमजोर हो रहा है और आम नागरिकों के मतदान के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर देशभर के लोग एकजुट हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा।









