नई दिल्ली : दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की वोट चोरी के मुद्दे पर हुई रैली के बाद अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि रैली में वास्तविक संख्या से अधिक भीड़ दिखाने के लिए ट्रिक फोटोग्राफी का सहारा लिया गया। उन्होंने रैली की तस्वीरों और भीड़ के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस जनता के सामने वास्तविक स्थिति से अलग तस्वीर पेश कर रही है।
10 लाख लोगों की मौजूदगी के दावे पर भाजपा ने उठाए सवाल
संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी की ओर से रैली में 10 लाख लोगों के शामिल होने की बात कही गई थी, लेकिन मैदान की तस्वीरें इस दावे से मेल नहीं खातीं। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि आखिर वे 10 लाख लोग कहां थे, जिनकी मौजूदगी का दावा किया गया था?
पात्रा ने रामलीला मैदान की तस्वीरें दिखाते हुए दावा किया कि मैदान का करीब 45 फीसदी हिस्सा खाली था। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन की ओर से जारी तस्वीरों में कैमरे के एंगल और फोटोग्राफी के जरिए भीड़ को अधिक दिखाने की कोशिश की गई।
‘ट्रिक से कोई प्रधानमंत्री नहीं बनता’
भाजपा सांसद ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल तस्वीरों और राजनीतिक प्रचार से कोई नेता प्रधानमंत्री नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के लिए पसीना और मेहनत जरूरी है। पात्रा ने अपने अंदाज में पीएम की व्याख्या करते हुए कहा कि ‘पी’ का मतलब पसीना और ‘एम’ का मतलब मेहनत है।
उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस के परिवारवादी नेतृत्व पर भी निशाना साधा। पात्रा ने कहा कि विपक्षी गठबंधन के पास कई झंडे हैं, लेकिन इसके बावजूद वह 10 लाख लोगों की भीड़ नहीं जुटा पाया।
वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन
गौरतलब है कि INDIA गठबंधन ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के मुद्दे पर जनसभा की थी। इससे पहले विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला था। रैली में विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की।
इससे एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ की कार्यवाही भी आयोजित की गई थी।
रामलीला मैदान की रैली को लेकर अब भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। जहां विपक्ष चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा विपक्ष की रैली और उसके भीड़ संबंधी दावों को निशाने पर ले रही है।








