भुवनेश्वर के चयन से नाराज इरफान पठान, मयंक और प्रिंस यादव के समर्थन में उतरे

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स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के चयन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने चयनकर्ताओं के इस फैसले को बड़ी चूक बताते हुए कहा कि भुवनेश्वर की जगह किसी युवा तेज गेंदबाज को मौका दिया जाना चाहिए था। पठान के मुताबिक, इस फैसले के कारण युवा खिलाड़ियों को न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव हासिल करने का अवसर नहीं मिल सका।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी-20 सीरीज के समापन के बाद पठान ने अपने यूट्यूब चैनल पर टीम के प्रदर्शन और चयन प्रक्रिया का विश्लेषण किया। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर कुमार अनुभवी और अच्छे गेंदबाज हैं, लेकिन इस सीरीज में उन्हें मौका देने का समय सही नहीं था।

चार मैचों में मिला सिर्फ एक विकेट

भुवनेश्वर कुमार ने करीब चार साल बाद भारतीय टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में वापसी की थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में उन्होंने चार मुकाबले खेले। इस दौरान 16 ओवर गेंदबाजी करते हुए 11.25 की इकोनॉमी से रन दिए और केवल एक विकेट हासिल किया।

पठान ने कहा कि भुवनेश्वर की गेंदबाजी क्षमता पर उन्हें कोई संदेह नहीं है, लेकिन चयनकर्ताओं को यह विचार करना चाहिए था कि इस दौरे पर युवा तेज गेंदबाजों को आजमाना ज्यादा उपयोगी साबित हो सकता था।

मयंक और प्रिंस यादव को मिलना चाहिए था मौका

इरफान पठान ने कहा कि भुवनेश्वर की जगह किसी युवा तेज गेंदबाज को मौका मिलता तो उसे न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में खेलने का अनुभव हासिल होता। उन्होंने मयंक यादव और प्रिंस यादव का जिक्र करते हुए कहा कि इन दोनों खिलाड़ियों को सीरीज के सभी मुकाबलों में खेलने का अवसर दिया जा सकता था।

उनके अनुसार, विदेशी परिस्थितियों में खेलना युवा गेंदबाजों के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि उन्हें बड़ी सीरीज में लगातार मौके नहीं दिए जाएंगे तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जरूरी अनुभव कैसे हासिल करेंगे?

विश्व कप की तैयारी होती तो समझ आता चयन

पठान ने चयन के समय पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि चयनकर्ता भुवनेश्वर कुमार को 50 ओवर के विश्व कप की संभावित तैयारी के तहत टीम में शामिल कर रहे होते तो इस फैसले को समझा जा सकता था। लेकिन मौजूदा टी-20 सीरीज में उन्हें खिलाने के बजाय युवा खिलाड़ियों को मौका देना बेहतर विकल्प होता।

उन्होंने कहा कि किसी सीनियर खिलाड़ी को भविष्य की जरूरत के हिसाब से टीम में बनाए रखना अलग बात है, लेकिन ऐसा करते हुए युवा प्रतिभाओं के अवसर नहीं छीनने चाहिए।

पठान के इस बयान ने भारतीय टीम की चयन प्रक्रिया और युवा तेज गेंदबाजों को मिलने वाले अवसरों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।