नई दिल्ली : देश में मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार चुनावी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए झूठ का सहारा ले रही है। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए उसके चुनावी प्रदर्शन और राजनीति के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए।
जयराम रमेश ने चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 10 करोड़ से अधिक भारतीयों के संवैधानिक मताधिकार पर खतरा मंडरा रहा है।
रमेश ने आरोप लगाया कि नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में कथित तौर पर बदलाव किए गए, जिससे नए मतदाताओं के लिए बाधाएं पैदा हुईं। उन्होंने फॉर्म-7 के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके माध्यम से मतदाता सूची से चुनिंदा नाम हटाने की कोशिश की जा रही है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि ECINET के जरिए मतदाता सूची पर नियंत्रण केंद्रीकृत किया गया है और इससे कानूनी सुरक्षा उपाय प्रभावित हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर देशभर में नाराजगी है और विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर आरोप लगाया कि वे अपनी सरकार से जुड़े सवालों से जनता का ध्यान हटाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगी।
अमित शाह का पलटवार, कांग्रेस की राजनीति पर साधा निशाना
दूसरी ओर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर कांग्रेस के सवालों को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी चुनाव हारने पर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाती है, जबकि जीत मिलने पर इन्हीं संस्थाओं को सही ठहराती है।
नई दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने राहुल गांधी पर घुसपैठियों के वोट बचाने के लिए वोट चोरी के आरोप लगाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कई राज्यों में दशकों से सत्ता से बाहर है और यह स्थिति नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले ही शुरू हो गई थी।
शाह ने कांग्रेस की राजनीति को नकारात्मक बताते हुए कहा कि इस रवैये के कारण पार्टी के लिए 2030 तक चुनाव जीतना भी मुश्किल होगा। उन्होंने कांग्रेस के चुनावी भविष्य को लेकर भी तीखी टिप्पणी की।
पंजाब में आम आदमी पार्टी पर भी हमला
गृह मंत्री अमित शाह ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी निशाने पर लिया। उन्होंने पंजाब में आम आदमी पार्टी के राजनीतिक भविष्य को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में पार्टी को उखाड़ फेंका जाएगा।
शाह के इस बयान को पंजाब की राजनीति में भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच बढ़ती राजनीतिक खींचतान के तौर पर देखा जा रहा है।
मतदाता सूची के मुद्दे पर बढ़ा विवाद
यह राजनीतिक टकराव ऐसे समय में तेज हुआ है, जब राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के नेताओं और समर्थकों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया।
विपक्ष मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहा है, जबकि भाजपा कांग्रेस पर चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगा रही है।
मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब इस विवाद का केंद्र चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, मताधिकार की सुरक्षा और चुनाव आयोग की निष्पक्षता बन गया है। हालांकि, कांग्रेस और भाजपा की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी आवश्यक है।









