वोटर लिस्ट विवाद पर ममता का बड़ा हमला, ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप

0

डेस्क : पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की हार के लिए चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि जिन विधानसभा सीटों पर उनकी पार्टी ने 2021 में बड़ी बढ़त हासिल की थी, वहां विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए। उनके अनुसार, कुछ सीटों पर करीब 6 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।

चुनावी हार के लिए आयोग पर सवाल

ममता बनर्जी ने इस साल हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के प्रदर्शन को लेकर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव और मतगणना की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं। इससे पहले भी वह SIR और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाती रही हैं।

ममता के इन आरोपों का केंद्र SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में हुए बदलाव हैं। चुनाव आयोग ने हालांकि मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर समीक्षा शुरू की है और कहा है कि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत काम किया जा रहा है।

INDIA गठबंधन के साथ मुद्दा उठाने की तैयारी

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे को विपक्षी दलों के साझा मुद्दे के तौर पर भी उठाया है। INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर संयुक्त रूप से विरोध दर्ज कराने की बात कही है। विपक्ष की ओर से CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी सामने आई है।

ममता बनर्जी लगातार इस मुद्दे पर केंद्र और चुनाव आयोग को घेर रही हैं। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची से जुड़े बदलावों की समीक्षा की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद आगे भी जारी रहने के आसार हैं।