डेस्क : यमन के पश्चिमी तट स्थित लाल सागर के गवर्नरेट होदेइदा में शुक्रवार को सऊदी अरब की ओर से हवाई हमले किए जाने की खबर है। हूती विद्रोहियों द्वारा संचालित अल-मसीरा टीवी के अनुसार, सऊदी हमलों में होदेइदा शहर में राज्य की दूरसंचार निगम से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाया गया। प्रसारक ने यह भी दावा किया कि यमन के पश्चिमी तट के पास स्थित कमरान द्वीप पर भी सऊदी बलों ने हमले किए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी।
इससे पहले प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि होदेइदा बंदरगाह के आसपास कई हवाई हमले किए गए। होदेइदा का बंदरगाह यमन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि देश में आने वाली मानवीय सहायता और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए यह प्रमुख केंद्रों में से एक है। बंदरगाह क्षेत्र में किसी भी सैन्य कार्रवाई से नागरिकों और राहत अभियानों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब यमन के ईरान समर्थित हूती आंदोलन ने सोमवार को लाल सागर में सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी लागू करने की धमकी दी थी। हूतियों के इस ऐलान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इस कदम को अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष के बीच एक संभावित नए मोर्चे के रूप में देखा जा रहा है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी हूतियों की धमकी का जवाब देते हुए कहा है कि वह इसके खिलाफ “दृढ़ता से” कार्रवाई करेगा।
यमन में सऊदी अरब और हूती आंदोलन के बीच लंबे समय से चला आ रहा संघर्ष 2022 में हुए युद्धविराम के बाद काफी हद तक शांत हुआ था। इस समझौते के बाद बड़े पैमाने पर लड़ाई में कमी आई, हालांकि दोनों पक्षों के बीच तनाव और राजनीतिक मतभेद पूरी तरह समाप्त नहीं हुए। सऊदी अरब ने भी युद्धविराम के बाद यमन में फिर से बड़े पैमाने पर सैन्य संघर्ष शुरू होने से बचने की कोशिश की है।
यमन का युद्ध दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक रहा है। वर्षों तक चले संघर्ष में हिंसा के अलावा भूख और बीमारियों के कारण भी बड़ी संख्या में लोगों की जान गई। लाखों लोग विस्थापन, खाद्य संकट और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से प्रभावित हुए हैं।
होदेइदा में ताजा हमलों और हूतियों की सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी की धमकी ने क्षेत्रीय तनाव को एक बार फिर बढ़ा दिया है। यदि स्थिति और बिगड़ती है तो इसका असर लाल सागर में समुद्री यातायात, व्यापारिक जहाजों की आवाजाही और यमन में मानवीय सहायता पहुंचाने के प्रयासों पर पड़ सकता है। फिलहाल, हमलों से हुए नुकसान और संभावित हताहतों के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।








