डेस्क : यूक्रेन में रूस के साथ जारी युद्ध के बीच राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में जांच एजेंसियों द्वारा राष्ट्रपति कार्यालय के उप प्रमुख का नाम संदिग्धों में शामिल किए जाने के बाद जेलेंस्की ने अपने एक वरिष्ठ अधिकारी को पद से हटा दिया। हालांकि, जांच में जेलेंस्की को आरोपी नहीं बनाया गया है।
यूक्रेन की राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एनएबीयू) के मुताबिक, जांच में ऐसे लोगों के एक समूह का पता चला है, जिन पर पिछले साल एक आरोपी की जमानत के लिए करीब 15 करोड़ रिव्निया (लगभग 3.4 मिलियन डॉलर) की धनराशि को कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए जुटाने का आरोप है। इस मामले में एक पूर्व सांसद, सरकारी बैंक के बोर्ड की अध्यक्ष, बैंक की निगरानी समिति के प्रमुख और राष्ट्रपति कार्यालय के एक उप प्रमुख समेत कई लोगों का नाम सामने आया है।
जेलेंस्की ने इस जांच पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की। हालांकि, उन्होंने राष्ट्रपति कार्यालय की उप प्रमुख इरीना मुद्रा को पद से हटाने का आदेश जारी किया। जांच एजेंसी ने मुद्रा को संदिग्धों में शामिल नहीं किया है। यूक्रेनी सांसद ओलेक्सी होन्चारेंको के अनुसार, जांच अधिकारियों ने बुधवार को मुद्रा के कार्यालय की तलाशी भी ली।
पूर्व रक्षा मंत्री ने उठाई चुनाव की मांग
भ्रष्टाचार जांच के बीच यूक्रेन में राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। एक दिन पहले बर्खास्त किए गए रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव ने देश में राष्ट्रपति और अन्य चुनाव कराने की मांग की। उनका यह बयान सीधे तौर पर जेलेंस्की के नेतृत्व को चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
फेदोरोव ने कहा कि लंबे समय से जारी युद्ध के बावजूद यूक्रेन को लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने के लिए कानूनी, सुरक्षित और व्यावहारिक रास्ता तलाशना चाहिए। उन्होंने देश की शासन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार के कारण युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर होने की बात भी कही।
यूक्रेन के संविधान के तहत मार्शल लॉ लागू रहने के दौरान चुनाव कराना प्रतिबंधित है। जेलेंस्की का राष्ट्रपति कार्यकाल 2024 में समाप्त हो चुका है, लेकिन युद्ध की परिस्थितियों के कारण चुनाव नहीं हुए हैं।
नए रक्षा मंत्री को मंजूरी
यूक्रेन की संसद ने बुधवार को जेलेंस्की के उम्मीदवार मेजर जनरल येवहेनी खमारा को नया रक्षा मंत्री नियुक्त करने की मंजूरी दे दी। इसके साथ ही फेदोरोव की जल्द वापसी की संभावना फिलहाल समाप्त हो गई है। संसद ने एंड्री सिबिहा को विदेश मंत्री के पद पर बने रहने की भी मंजूरी दी।
जेलेंस्की के नेतृत्व में यह राजनीतिक संकट ऐसे समय गहराया है, जब पिछले वर्ष भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों की शक्तियां सीमित करने के प्रयास के बाद भी उन्हें भारी सार्वजनिक विरोध का सामना करना पड़ा था। इससे पहले उनके करीबी सहयोगी और तत्कालीन चीफ ऑफ स्टाफ एंड्री यरमक भी एक बड़े भ्रष्टाचार मामले में घिर चुके हैं।
युद्ध के मोर्चे पर भी जारी तनाव
राजनीतिक उठापटक के बीच रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध भी जारी है। यूक्रेन ने ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करते हुए रूस के तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है। रूस के बश्कोर्तोस्तान क्षेत्र की राजधानी ऊफा में एक तेल रिफाइनरी पर भी यूक्रेनी ड्रोन हमले की सूचना सामने आई है।
रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रातभर में उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने विभिन्न क्षेत्रों, क्रीमिया और काला सागर के ऊपर 453 यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया। रूस ने यूक्रेन के चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह क्षेत्र में ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाने का भी दावा किया।
दूसरी ओर, दक्षिणी यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र में रूसी ड्रोन हमले में एक मिनीबस में सवार चार लोगों की मौत हो गई और चार महिलाएं घायल हुईं। एक अन्य ड्रोन हमले में एक महिला की मौत की सूचना है।
इस बीच रूस और यूक्रेन ने 103-103 युद्धबंदियों की अदला-बदली की। युद्ध के बीच यह आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच मानवीय स्तर पर जारी संपर्क का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।








