भारत-मोल्दोवा के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूती देने पर जोर, राष्ट्रपति मुर्मू ने निवेश का दिया न्योता

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चिसिनाउ : मोल्दोवा की राजकीय यात्रा पर पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय और मोल्दोवाई कारोबारियों से आपसी आर्थिक सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने मोल्दोवा के उद्योग जगत को भारत में उपलब्ध कारोबारी और निवेश के अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत ऐसे साझेदारी संबंधों की तलाश में है, जो विश्वास और साझा समृद्धि पर आधारित हों।

राष्ट्रपति मुर्मू ने 20 जुलाई को चिसिनाउ में मोल्दोवा की राष्ट्रपति माइया संदू के साथ इंडिया-मोल्दोवा बिजनेस फोरम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत और मोल्दोवा के बीच 1992 में राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से दोनों देशों के संबंध गर्मजोशी और मित्रता पर आधारित रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी आपसी सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों और शांति, विकास तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर टिकी है।

मुर्मू ने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में विश्वास तथा साझा समृद्धि पर आधारित साझेदारियों की आवश्यकता है। उन्होंने भारत की तेज आर्थिक वृद्धि, उद्यमिता, डिजिटल बदलाव, विनिर्माण क्षमता और युवा एवं कुशल कार्यबल का उल्लेख करते हुए कहा कि मोल्दोवा भी सुधारोन्मुखी दृष्टिकोण, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, प्रतिभाशाली मानव संसाधन और यूरोपीय बाजारों के साथ बढ़ते एकीकरण के कारण भारतीय कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

राष्ट्रपति ने डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, फिनटेक, डिजिटल सार्वजनिक ढांचा, बुनियादी ढांचा विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल्स, जैव प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएं बताईं।

उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां मोल्दोवा के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी विकास परियोजनाओं में भागीदारी को लेकर रुचि रखती हैं। इनमें सौर ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज, स्मार्ट ग्रिड, ग्रीन हाइड्रोजन और अन्य स्वच्छ प्रौद्योगिकियां प्रमुख हैं।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत मोल्दोवाई कंपनियों के लिए व्यापार और निवेश के अच्छे अवसर उपलब्ध कराता है तथा देश पारदर्शी, पूर्वानुमान योग्य और निवेशक-अनुकूल कारोबारी माहौल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मोल्दोवा के कारोबारियों से भारत आकर निवेश और व्यापार की संभावनाओं को तलाशने का आह्वान किया।

उन्होंने भारतीय उद्योग जगत से भी मोल्दोवा में उपलब्ध अवसरों का पता लगाने की अपील की और कहा कि दोनों देशों के उद्यमियों की दूरदृष्टि, क्षमता और प्रतिबद्धता दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

फोरम में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, सूचना प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल तकनीक समेत विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख कारोबारी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि बिजनेस फोरम में हुई बातचीत भारत और मोल्दोवा के बीच नए कारोबारी गठजोड़ और नवाचार आधारित सहयोग की नींव रखेगी।