डेस्क : अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार विवाद एक बार फिर गहरा गया है। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कनाडा पर दशकों से अमेरिका का ‘फायदा उठाने’ का आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब कनाडा को मिलने वाली एकतरफा व्यापारिक सुविधाओं को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। व्हाइट हाउस ने कनाडा की व्यापार नीतियों को ‘भेदभावपूर्ण’ बताते हुए कहा कि अमेरिका अब ऐसी व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेगा।
व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका ने पिछले सप्ताह कनाडा को दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे अधिक अनुकूल बाजार पहुंच की पेशकश की थी। इसमें स्टील, एल्युमीनियम, ऑटोमोबाइल, लकड़ी समेत कई उत्पादों पर शुल्क में बड़ी कटौती का प्रस्ताव था। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि कनाडा ने इसके जवाब में ‘अनुचित मांगें’ रखीं और प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
अमेरिका ने आरोप लगाया कि कनाडा ने बातचीत के बजाय जवाबी कार्रवाई का रास्ता चुना। व्हाइट हाउस ने कहा कि कनाडा की व्यापारिक पाबंदियों का असर अमेरिकी श्रमिकों, किसानों और कारोबारियों पर पड़ा है।
ऑटो और शराब कारोबार पर लगाए आरोप
व्हाइट हाउस ने कनाडा पर अमेरिकी वाहनों पर 25 प्रतिशत भेदभावपूर्ण शुल्क और कंपनियों के हिसाब से कोटा लगाने का आरोप लगाया। उसका कहना है कि पिछले एक वर्ष में कनाडा को अमेरिकी वाहनों का निर्यात 22 प्रतिशत घट गया है।
अमेरिकी प्रशासन ने यह भी दावा किया कि कनाडा के लगभग सभी प्रांतों और क्षेत्रों में अमेरिकी शराब, बीयर और वाइन की बिक्री पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। इसके चलते एक साल में कनाडा को अमेरिकी शराब का निर्यात 81 प्रतिशत तक गिर गया।
डेयरी क्षेत्र को लेकर भी अमेरिका ने कनाडा पर बाजार बंद रखने का आरोप लगाया। व्हाइट हाउस के मुताबिक, कनाडा अमेरिकी डेयरी उत्पादों के लिए टैरिफ-रेट कोटा के जरिए बाजार सीमित करता है और कोटा से अधिक आयात पर करीब 300 प्रतिशत तक शुल्क लगाया जाता है।
50 अरब डॉलर के व्यापार घाटे का दावा
व्हाइट हाउस ने दावा किया कि पिछले एक दशक में अमेरिका को कनाडा के साथ वस्तु व्यापार में औसतन करीब 50 अरब डॉलर का वार्षिक घाटा हुआ है। अमेरिकी प्रशासन ने आरोप लगाया कि कनाडा ने अमेरिकी उत्पादों के लिए समान बाजार पहुंच उपलब्ध नहीं कराई।
अमेरिका ने विमानन क्षेत्र में भी कनाडा की नीतियों पर सवाल उठाए। व्हाइट हाउस ने आरोप लगाया कि कनाडा ने अमेरिकी विमान निर्माता गल्फस्ट्रीम के कई विमानों की बिक्री को वर्षों तक बाधित किया और अपने घरेलू प्रतिस्पर्धी को संरक्षण दिया।
ट्रंप का तीखा हमला
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर कनाडा की व्यापार नीतियों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में अमेरिका को कनाडा के साथ औसतन 60 अरब डॉलर सालाना का नुकसान हुआ है।
ट्रंप ने कहा कि कनाडा दशकों से अमेरिका का ‘फायदा उठा रहा है’ और अब ऐसा नहीं चलने दिया जाएगा। उन्होंने कनाडा को ‘सबसे कठिन और अनुचित’ व्यापारिक साझेदार बताते हुए कहा कि वह अमेरिका के साथ विशेष व्यवहार का हकदार नहीं है।
व्हाइट हाउस ने कहा कि कनाडा के संरक्षणवादी कदमों के कारण अमेरिकी उत्पादकों को अरबों डॉलर की बिक्री का नुकसान हुआ है। उसका यह भी दावा है कि कनाडा के कुल वस्तु निर्यात का करीब तीन-चौथाई हिस्सा अमेरिका जाता है, जिससे कनाडा की अर्थव्यवस्था अमेरिकी बाजार पर काफी निर्भर है।
कनाडा ने भी जवाबी शुल्क का किया ऐलान
इस बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका की नई शुल्क नीति का जवाब देने का ऐलान किया है। कार्नी ने कहा कि कनाडा अमेरिकी शुल्क के जवाब में ‘डॉलर के बदले डॉलर’ के आधार पर जवाबी शुल्क लगाएगा। साथ ही कनाडा ने अपने कर्मचारियों और कारोबारियों की मदद के लिए 7.5 अरब डॉलर के नए और अतिरिक्त उपायों की घोषणा की है।
कार्नी ने कहा कि कनाडा पहले ही अमेरिकी शुल्क के प्रभाव से निपटने के लिए करीब 25 अरब डॉलर की सहायता की घोषणा कर चुका है। उन्होंने इन कदमों को कनाडाई नौकरियों, उद्योगों और परिवारों की रक्षा के लिए जरूरी बताया।
कनाडा के वित्त विभाग के अनुसार, अमेरिका की ओर से कनाडाई वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के जवाब में ओटावा ने भी अमेरिकी वस्तुओं पर समान दर से जवाबी शुल्क लगाने का फैसला किया है।
अमेरिका और कनाडा के बीच यह नया टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब व्यापार वार्ता विफल होने के बाद दोनों देश एक-दूसरे के उत्पादों पर शुल्क बढ़ा रहे हैं। अमेरिका की नई कार्रवाई से करीब 20 अरब डॉलर के कनाडाई आयात प्रभावित होने की बात कही गई है, जो कनाडा के अमेरिका को होने वाले कुल निर्यात का लगभग पांच प्रतिशत है।








