डेस्क : भारत और अमेरिका ने हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग को और व्यापक बनाने के लिए समुद्री सुरक्षा, रणनीतिक बुनियादी ढांचे और संपर्क व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। यह बातचीत विदेश सचिव विक्रम मिस्री और अमेरिकी विदेश विभाग की अंडर सेक्रेटरी एलिसन एम. हूकर के बीच फोन पर हुई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि दोनों अधिकारियों ने इंडिया-यूएस इंडियन ओशन स्ट्रैटेजिक वेंचर (IOSV) के तहत आगे की संभावनाओं पर विचार किया। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फरवरी 2025 में वाशिंगटन में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद शुरू की गई थी।
जायसवाल के अनुसार, बातचीत में हिंद महासागर क्षेत्र में व्यावहारिक सहयोग और दोनों देशों की क्षमताओं के बेहतर समन्वय की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसमें समुद्री सुरक्षा, रणनीतिक बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी प्रमुख विषय रहे। दोनों देशों ने इस बात पर भी जोर दिया कि सहयोग की दिशा तय करते समय हिंद महासागर क्षेत्र के साझेदार देशों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखा जाए।
IOSV का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करना है। इसके तहत समुद्री सुरक्षा, रणनीतिक बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, निवेश और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
भारत और अमेरिका हिंद महासागर क्षेत्र में कनेक्टिविटी और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अंडरसी केबल नेटवर्क को भी महत्वपूर्ण मानते हैं। दोनों देशों के बीच पश्चिमी हिंद महासागर, पश्चिम एशिया और व्यापक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में संभावित सहयोग पर भी जोर दिया जा रहा है।
इस बातचीत को हिंद महासागर क्षेत्र में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








