72 साल बाद दिल्ली से बाहर निकला नेशनल फिल्म अवॉर्ड, गुजरात में होगा समारोह

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नई दिल्ली :  भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल नेशनल फिल्म अवॉर्ड समारोह इस बार इतिहास रचने जा रहा है। 72 साल के इतिहास में पहली बार यह समारोह दिल्ली से बाहर आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष नेशनल फिल्म अवॉर्ड की मेजबानी गुजरात करेगा।

22 सितंबर को एकता नगर में होगा समारोह

72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड का समारोह 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर में आयोजित किया जाएगा। एकता नगर को पहले केवड़िया के नाम से जाना जाता था और यह विश्व प्रसिद्ध स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए जाना जाता है। समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी और विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को सम्मानित करेंगी।

1954 में हुई थी पहली अवॉर्ड सेरेमनी

नेशनल फिल्म अवॉर्ड की शुरुआत वर्ष 1954 में हुई थी। पहला समारोह 10 अक्टूबर 1954 को दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया गया था। तब से लंबे समय तक दिल्ली ही इस प्रतिष्ठित समारोह का प्रमुख केंद्र रहा। अब गुजरात में आयोजन के साथ इस परंपरा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है।

इन कलाकारों को मिला है इस बार सम्मान

इस साल ‘आर्टिकल 370’ को बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला है, जबकि यामी गौतम को इसी फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया है। ममूटी को ‘ब्रमायुगम’ और कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ के लिए बेस्ट एक्टर का पुरस्कार मिला है।

वहीं रणदीप हुड्डा को ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला है। ‘कल्कि 2898 एडी’ को बेस्ट पॉपुलर फिल्म और ‘श्रीकांत’ को बेस्ट हिंदी फिल्म का पुरस्कार मिला है।

नेशनल अवॉर्ड के बड़े रिकॉर्ड

नेशनल फिल्म अवॉर्ड के इतिहास में सत्यजीत रे का नाम सबसे ज्यादा पुरस्कार जीतने वाले फिल्मकारों में प्रमुखता से लिया जाता है। अभिनय की बात करें तो ममूटी और अमिताभ बच्चन को बेस्ट एक्टर की श्रेणी में चार-चार बार राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है। अभिनेत्री शबाना आजमी पांच बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीत चुकी हैं। संगीत के क्षेत्र में ए. आर. रहमान सात बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार हासिल कर चुके हैं।

इस बार गुजरात में होने वाला समारोह न केवल पुरस्कार विजेताओं के लिए खास होगा, बल्कि नेशनल फिल्म अवॉर्ड के 72 साल के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत भी करेगा।