सत्य निकेतन हादसे में पांचवीं गिरफ्तारी, पीजी संचालक सुधांशु गिरफ्तार

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नई दिल्ली :  दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत ढहने से हुए हादसे के मामले में पुलिस ने पांचवीं गिरफ्तारी की है। पुलिस ने इमारत को लीज पर लेकर पीजी संचालित करने वाले सुधांशु को गिरफ्तार किया है। हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी, जबकि पांच अन्य लोग घायल हुए थे।

पुलिस के मुताबिक, सत्य निकेतन में रविवार दोपहर एक इमारत अचानक ढह गई थी। इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट (पीजी) के तौर पर किया जा रहा था। राहत और बचाव अभियान के दौरान मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला गया, जिनमें सात की मौत हो गई थी।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इमारत को सुधांशु ने मालिक हरिराम गुप्ता से लीज पर लिया था और उसमें पीजी का संचालन कर रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इमारत की खराब हालत के बावजूद उसे किन शर्तों पर पीजी संचालन के लिए लिया गया था। सुधांशु से इस संबंध में पूछताछ की जा रही है।

मालिक, परिजनों और ठेकेदार की भी गिरफ्तारी

इस मामले में पुलिस इससे पहले इमारत की मालकिन उर्मिला गुप्ता (75), उनके पति एवं वायुसेना से सेवानिवृत्त हरिराम गुप्ता (81) और उनके बेटे महेश गुप्ता (52) को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम करा रहे ठेकेदार सोनाज को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार किया गया था।

दिल्ली में पीजी का सर्वे शुरू

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने पीजी और जर्जर इमारतों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। दिल्ली के विभिन्न इलाकों में संचालित पीजी का सर्वे शुरू किया गया है। अधिकारियों की टीमें पीजी भवनों की स्थिति और सुरक्षा मानकों की जांच कर रही हैं।

हादसे के बाद सत्य निकेतन में ढही इमारत के पास स्थित एक अन्य इमारत को भी गिराने की कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं, नगर निगम के पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है। अवैध और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।