कृष्ण भक्ति से संस्कारों तक—‘कटिंग चाय’ की ‘मक्खन मिश्री’ बनी बच्चों का मंच

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जयपुर :  बच्चों को भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और संस्कारों से जोड़ने की पहल के तहत ‘कटिंग चाय – मंच आपके विचारों का’ की ओर से जन्माष्टमी के अवसर पर ऑनलाइन प्रतियोगिता ‘मक्खन मिश्री’ का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में देशभर से बच्चों और उनके परिवारों ने उत्साह के साथ सहभागिता की।

भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप, उनकी लीलाओं और भारतीय जीवन-मूल्यों को केंद्र में रखकर आयोजित इस प्रतियोगिता में बच्चों ने विभिन्न रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। नन्हे प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों में कृष्ण के प्रति भक्ति के साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों की झलक भी देखने को मिली। परिवारों और दर्शकों ने बच्चों की प्रस्तुतियों को खूब सराहा।

प्रतियोगिता में भाव्या हेमानी, साक्षी वशिष्ठ, प्रतिष्ठा, गर्वीषा कपिल चांडक, वरदान भारद्वाज, मान्विका भारद्वाज, पाविका चावला, गुरविशा सिंह, धैर्य जोशी, श्रीजा खेमराज, नित्यान्श बंसल, राशा जैन, जनीत महाजन, इलाही सोही, मेहर, महक, रोहित, समीक्षा और मयंक सहित कई बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।

आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल प्रतिभागियों में प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करना नहीं, बल्कि बच्चों को भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, संस्कार और अपनी गौरवशाली परंपराओं से जोड़ना था। बच्चों के उत्साह को देखते हुए सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर धैर्य जोशी को सेकंड रनर-अप, इलाही सोही को फर्स्ट रनर-अप चुना गया, जबकि जनीत महाजन ने विजेता का स्थान प्राप्त किया।

‘मक्खन मिश्री’ को बच्चों और अभिभावकों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। आयोजकों के अनुसार, भारतीय संस्कृति और संस्कारों को नई पीढ़ी तक सहज एवं रचनात्मक माध्यम से पहुंचाने के लिए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।