डेस्क : अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ते व्यापार तनाव के बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि उनका देश अमेरिका के साथ ऐसे दीर्घकालिक और टिकाऊ व्यापार समझौते के लिए तैयार है, जो दोनों देशों के हित में हो। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कनाडा किसी त्वरित राजनीतिक घोषणा या आसान समझौते के बजाय ऐसा करार चाहता है, जिससे कनाडाई श्रमिकों, परिवारों और कारोबारियों के हित सुरक्षित रहें।
कार्नी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कनाडा अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार है और जब भी अमेरिका इसके लिए तैयार होगा, दोनों देश फिर से वार्ता की मेज पर बैठ सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा समझौता जो कनाडाई श्रमिकों, परिवारों और व्यवसायों के लिए फायदेमंद हो, वह अमेरिकी उपभोक्ताओं, कारोबारियों और परिवारों के लिए भी लाभकारी साबित होगा।
अमेरिका के भरोसे नहीं बैठेगा कनाडा
कनाडाई प्रधानमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि ओटावा अब केवल वाशिंगटन की अगली पहल का इंतजार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि कनाडा अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और दुनिया के अन्य देशों के साथ व्यापारिक संबंधों का विस्तार करने पर ध्यान दे रहा है।
कार्नी ने कहा कि कनाडा को अपना समय फोन कॉल का इंतजार करने या सोशल मीडिया पर नजरें टिकाए रखने में नहीं बिताना चाहिए। इसके बजाय देश के भीतर आर्थिक मजबूती बढ़ाने और दुनिया के उन देशों के साथ व्यापार समझौते करने की जरूरत है, जो कनाडा के साथ कारोबार करना चाहते हैं।
अमेरिका के प्रस्ताव को बताया अनुचित
कार्नी ने दो सप्ताह पहले अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता निलंबित करने के फैसले का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि कनाडा अमेरिका की ओर से रखी गई शर्तों को स्वीकार नहीं कर सकता था।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्ताव में अंतिम समय पर किए गए बदलाव “अनुचित” और “आर्थिक रूप से अव्यावहारिक” थे। उनके मुताबिक, ऐसी परिस्थितियों में किसी संभावित समझौते की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं।
अमेरिकी शुल्क के जवाब में कनाडा की जवाबी कार्रवाई
व्यापार वार्ता टूटने के बाद अमेरिका ने कनाडाई आयात पर नए शुल्क लगाए हैं। इसके जवाब में कनाडा ने भी अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की है। कार्नी ने कहा है कि कनाडा अपने श्रमिकों, किसानों, परिवारों और कारोबारियों के हितों की रक्षा के लिए अमेरिका द्वारा लगाए गए नए शुल्क का डॉलर-दर-डॉलर जवाब देगा।
कनाडा की जवाबी कार्रवाई के दायरे में स्टील, डेयरी उत्पाद, घरेलू उपकरण, कृषि उपकरण, पल्प एवं पेपर तथा इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद जैसे अमेरिकी सामान शामिल हो सकते हैं।
ट्रंप ने शुल्क बढ़ाने की दी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कनाडा के खिलाफ अपना रुख और सख्त किया है। ट्रंप ने घोषणा की है कि जनवरी 2027 से कनाडा से आयात होने वाली कारों, ट्रकों, ऑटोमोबाइल पार्ट्स और स्टील पर शुल्क बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाएगा।
ट्रंप ने कनाडा पर अमेरिकी किसानों और कृषि उत्पादों पर ऊंचे शुल्क लगाने का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में उत्पादन करने वाली अमेरिकी कंपनियों को शून्य शुल्क का लाभ मिलेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कनाडा पर वर्षों से अमेरिका का “फायदा उठाने” का आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिका को कनाडा की उतनी जरूरत नहीं है, जितनी कनाडा को अमेरिकी बाजार की है।
चार दशक बाद कनाडा में बनेंगी वीआईए रेल की यात्री बोगियां
कार्नी ने ये टिप्पणियां उस समय कीं, जब उन्होंने घोषणा की कि करीब चार दशक बाद पहली बार वीआईए रेल की यात्री बोगियां कनाडा में ही बनाई जाएंगी। इस कदम को कनाडा में घरेलू विनिर्माण और रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार संबंधों में आई मौजूदा खटास का असर दोनों देशों की सीमा से जुड़े कई उद्योगों पर पड़ने की आशंका है। इसके बावजूद कार्नी के ताजा बयान से संकेत मिलता है कि ओटावा बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं करना चाहता। कनाडा ऐसे समझौते के लिए तैयार है, जिसे दोनों देश दीर्घकालिक, टिकाऊ और पारस्परिक रूप से लाभकारी मानें।








