डेस्क : पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि ट्रंप प्रशासन के पास ईरान से निपटने के लिए कई विकल्प मौजूद हैं। इनमें आर्थिक दबाव, सैन्य कार्रवाई, कूटनीतिक प्रयास और गुप्त अभियान जैसे उपाय शामिल हैं। वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जरूरत के अनुसार इनमें से किसी भी विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान वेंस ने कहा कि प्रशासन ईरान को लेकर अपनी रणनीति सार्वजनिक नहीं करेगा, क्योंकि इससे राष्ट्रपति के सामने उपलब्ध विकल्प सीमित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन के पास कई अतिरिक्त साधन हैं और फिलहाल हर संभावित विकल्प खुला हुआ है।
वेंस ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का एक उद्देश्य व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और तेल एवं गैस की आपूर्ति को बनाए रखना भी है। उनके मुताबिक, ईरान की गतिविधियों के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट की स्थिति पैदा हो सकती थी।
युद्ध खत्म करने पर विचार कर रहे हैं ट्रंप
वेंस का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच करीब सात महीने से जारी संघर्ष के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप निजी तौर पर युद्ध समाप्त घोषित करने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव नजदीक आने और संघर्ष के कारण ऊर्जा कीमतों के ऊंचे स्तर पर बने रहने को भी इस विचार से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, पेंटागन ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है। इससे यह संकेत भी मिल रहा है कि दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव अगले वर्ष तक जारी रह सकता है।
दोनों पक्षों के बीच ताजा हमले
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच हमलों का एक नया दौर भी सामने आया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर कई ठिकानों पर हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को कहा था कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि यह संघर्ष “बहुत लंबे समय तक” जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने एक रात पहले ईरान पर “बहुत भारी हमला” किया था। ट्रंप के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान द्वारा हाल में तैनात किए गए रडार और मिसाइल प्रणालियों समेत सैन्य उपकरणों को निशाना बनाया गया।
आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’
ईरान पर सैन्य दबाव के साथ ट्रंप प्रशासन ने आर्थिक मोर्चे पर भी अभियान तेज कर दिया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ की घोषणा की है। इसका उद्देश्य ईरान की प्रमुख आर्थिक गतिविधियों और राजस्व स्रोतों पर दबाव बढ़ाना है।
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, अभियान के तहत ईरान के तेल, शिपिंग, विमानन और डिजिटल परिसंपत्तियों से जुड़े क्षेत्रों को निशाना बनाया जाएगा। वाशिंगटन का कहना है कि इसका उद्देश्य ईरान को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क से अलग करना और उसकी सरकार को मिलने वाले राजस्व के स्रोतों को सीमित करना है।
ऐसे में वेंस के ताजा बयान से स्पष्ट है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ कूटनीति के साथ-साथ आर्थिक, सैन्य और गुप्त कार्रवाई जैसे सभी विकल्प खुले रखना चाहता है।








