80 देशों की मांग-तुरंत खोला जाए होर्मुज जलडमरूमध्य, निर्बाध हो जहाजों की आवाजाही

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डेस्क : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बहरीन के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र के 80 सदस्य देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल और पूरी तरह खोलने की मांग की है। देशों ने रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित, निर्बाध और बिना किसी अवैध शुल्क या शर्त के आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील की है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क में आयोजित मीडिया ब्रीफिंग में बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल लतीफ अल-जायानी ने 80 देशों की ओर से संयुक्त बयान जारी किया। बयान में ईरान के पड़ोसी देशों पर लगातार हमलों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार में व्यवधान और ऊर्जा सुरक्षा पर मंडरा रहे खतरे को लेकर चिंता जताई गई।

बहरीन के विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 के पूर्ण क्रियान्वयन की मांग भी की। इस प्रस्ताव में खाड़ी देशों और जॉर्डन के खिलाफ ईरान के हमलों तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए अंतरराष्ट्रीय नौवहन को बाधित करने वाले कदमों की निंदा की गई है।

अल-जायानी ने कहा कि स्थिति पहले की तुलना में और गंभीर हुई है। उन्होंने ओमान के तट के पास एक जहाज पर हुए हमले में भारतीय नागरिक की मौत का भी उल्लेख किया और पीड़ित के परिवार तथा भारत के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सऊदी अरब पर हूती बलों की ओर से किए गए मिसाइल हमले की भी निंदा की।

लाल सागर और बाब-अल-मंदेब को लेकर भी चिंता

संयुक्त बयान में यमन के हूती विद्रोहियों की गतिविधियों और सऊदी अरब तथा लाल सागर में हुए हमलों पर भी चिंता जताई गई। देशों ने चेतावनी दी कि बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य की ओर हूती गतिविधियों के बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय नौवहन, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक व्यापार के लिए खतरा बढ़ सकता है।

बयान में कहा गया कि दुनिया के प्रमुख व्यापारिक समुद्री मार्गों को बाधित करने से वैश्विक खाद्य व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। इससे कीमतों में वृद्धि, खाद्य संकट और सबसे कमजोर वर्गों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है।

ईरान का अलग कूटनीतिक प्रस्ताव

इसी बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर अपना अलग प्रस्ताव सामने रखा है। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के अनुसार, कुछ शर्तें पूरी होने पर सात दिन के भीतर जलडमरूमध्य खोलने और उसके बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम सहित व्यापक मुद्दों पर बातचीत शुरू करने का प्रस्ताव दिया गया है।

ईरान ने होर्मुज में असुरक्षा के लिए खुद को जिम्मेदार बताए जाने से इनकार किया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि तेहरान अमेरिका के साथ समझौते के लिए तैयार है और अपने परमाणु कार्यक्रम के अंतरराष्ट्रीय सत्यापन की अनुमति देने को भी तैयार है। उनका कहना है कि पहले हुए समझौते को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद नुकसान पहुंचा।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना पश्चिम एशिया में चल रहे कूटनीतिक प्रयासों का प्रमुख मुद्दा बन गया है। जहां 80 देश तत्काल और निर्बाध नौवहन की मांग कर रहे हैं, वहीं ईरान जलडमरूमध्य को व्यापक वार्ता और संघर्ष समाप्त करने की प्रक्रिया से जोड़ रहा है।