जीएसटी नियमों में बड़ा बदलाव, 10 दिन में रिफंड और आईटीसी का दायरा बढ़ेगा

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नई दिल्ली :  जीएसटी व्यवस्था को अधिक सरल और कारोबार के अनुकूल बनाने की दिशा में सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। जीएसटी काउंसिल की बैठक में करदाताओं और कारोबारियों को राहत देने वाले कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति खत्म करना, रिफंड प्रक्रिया को तेज करना और इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी आईटीसी का दायरा बढ़ाना प्रमुख हैं।

बैठक में जीएसटी कानून के तहत अधिकारियों को गिरफ्तारी की शक्ति देने वाले प्रावधान को हटाने का फैसला किया गया। इसके साथ ही जीएसटी से जुड़े मामलों में अभियोजन की सीमा को एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। माना जा रहा है कि इससे छोटे और सामान्य कर विवादों में कारोबारियों पर आपराधिक कार्रवाई का दबाव कम होगा।

10 दिन में रिफंड आवेदन स्वीकार करने का लक्ष्य

काउंसिल ने रिफंड प्रक्रिया को भी तेज करने का फैसला किया है। रिफंड आवेदन स्वीकार करने की समयसीमा को 15 दिन से घटाकर 10 दिन किया जाएगा। इससे निर्यातकों और ऐसे कारोबारियों को विशेष राहत मिलेगी, जिनकी कार्यशील पूंजी रिफंड में लंबे समय तक फंसी रहती है।

जोखिम आधारित जांच के आधार पर पात्र मामलों में रिफंड की राशि का बड़ा हिस्सा जल्द जारी करने की व्यवस्था भी की जा रही है। इससे कारोबारियों की नकदी की समस्या कम होने और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।

आईटीसी का दायरा बढ़ेगा

काउंसिल ने इनपुट टैक्स क्रेडिट के नियमों में भी बदलाव की दिशा में कदम उठाए हैं। कर्मचारियों के जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर नियोक्ताओं की ओर से भुगतान किए गए जीएसटी पर आईटीसी का लाभ देने का प्रावधान किया जाएगा। इसके अलावा कुछ वाहनों, वाहन लीज और किराये तथा दूरसंचार से जुड़े खर्चों पर भी आईटीसी के दायरे को बढ़ाने का प्रस्ताव है।

कारोबार को आसान बनाने पर जोर

बैठक में जीएसटी दरों में बड़े बदलाव के बजाय व्यवस्था को सरल बनाने, अनुपालन का बोझ घटाने, रिफंड में तेजी लाने और कारोबारियों को कानूनी राहत देने पर अधिक जोर दिया गया। सरकार का उद्देश्य जीएसटी प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और कारोबार के अनुकूल बनाना है।

इन फैसलों से विशेष रूप से छोटे कारोबारियों, निर्यातकों और नियमित रूप से जीएसटी रिफंड तथा आईटीसी का दावा करने वाले व्यवसायों को राहत मिलने की उम्मीद है।