बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग, राष्ट्रपति से मिले राहुल गांधी और खरगे

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नई दिल्ली : कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को दावा किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चुनावों में कथित ‘वोट चोरी’ के विपक्ष के आरोपों को खारिज नहीं किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने विपक्षी नेताओं से इन आरोपों के समर्थन में सबूत देने को कहा है।

राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी चिंताएं रखीं। विपक्षी नेताओं ने इस मामले में राष्ट्रपति से हस्तक्षेप करने की मांग की।

विपक्ष ने सौंपा चार सूत्रीय ज्ञापन

राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में विपक्षी गठबंधन ने चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर रोक, चुनावों में बैलेट पेपर की वापसी और पिछले दो वर्षों में हुए उन विधानसभा चुनावों की समीक्षा की मांग शामिल है, जिनमें विपक्ष ने कथित चुनावी गड़बड़ियों के सबूत होने का दावा किया है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों में चुनावी प्रक्रिया के दौरान अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को लोकतंत्र और नागरिकों के मतदान के अधिकार से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय मानता है।

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी

राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी गठबंधन सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा और भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष अपना ज्ञापन रखेगा। विपक्ष का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े उसके सवालों पर निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी चुनावों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने विपक्षी नेताओं से आरोपों के समर्थन में प्रमाण देने को कहा है।

ममता बनर्जी ने विपक्षी एकजुटता पर दिया जोर

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुलाकात के बाद विपक्षी दलों की एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन के नेता इस मुद्दे पर साथ हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवाल उठा रहे हैं।

यह मुलाकात दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के लगातार जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच हुई। विपक्ष चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठा रहा है।

हालांकि, चुनावों में कथित ‘वोट चोरी’ के आरोप विपक्ष के दावे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित संस्थाओं की ओर से दिए गए जवाबों को ध्यान में रखना आवश्यक है।