नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके की दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत के मामले में अब विमान में मौजूद एक सहयात्री की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। यात्री ने दीपके के विरोध-प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि हर मुद्दे पर जनता को ही सब कुछ करना है, तो अदालतों को बंद कर देना चाहिए।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मुंबई से दिल्ली आ रही फ्लाइट में यह घटनाक्रम उस समय हुआ, जब विमान के उतरने के बाद अभिजीत दीपके और उनके साथियों को हिरासत में लेने के लिए पुलिस पहुंची। इस दौरान विमान में मौजूद यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। इसी बात को लेकर एक सहयात्री ने नाराजगी जताई और प्रदर्शन के औचित्य पर सवाल उठाए।
न्यायिक व्यवस्था का दिया हवाला
सहयात्री ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को मतदाता सूची से नाम हटाए जाने या चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी कोई शिकायत है, तो उसके समाधान के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश में न्यायिक व्यवस्था मौजूद है, तो सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन के जरिए आम लोगों को परेशानी में डालने की क्या जरूरत है।
यात्री की टिप्पणी ने विरोध-प्रदर्शन के तरीके और आम नागरिकों की सुविधा को लेकर बहस छेड़ दी है। हालांकि, यह प्रतिक्रिया संबंधित यात्री का व्यक्तिगत विचार है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की थी तैयारी
सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। पार्टी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनावी प्रक्रिया से संबंधित कथित अनियमितताओं के मुद्दे उठा रही थी।
इसी सिलसिले में अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने के बाद विमान के भीतर से हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर प्रदर्शन के अधिकार को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक व्यवस्था और आम यात्रियों को होने वाली असुविधा का मुद्दा भी चर्चा में है।








