अभिजीत दीपके की हिरासत पर गरमाई सियासत, केजरीवाल ने सरकार को घेरा

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नई दिल्ली :  कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके और दो अन्य नेताओं को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए देश के मौजूदा हालात की तुलना आपातकाल से की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है।

अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को मुंबई से दिल्ली पहुंचने के बाद विमान के भीतर से हिरासत में लिया गया था। तीनों नेता जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे थे। सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया था।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर विवाद

सीजेपी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराना चाहती थी। पार्टी ने इन प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बाद मामला और विवादित हो गया।

विपक्ष ने उठाए विरोध के अधिकार पर सवाल

केजरीवाल की प्रतिक्रिया के बाद इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष की ओर से शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और सरकार की आलोचना करने वालों के साथ किए जाने वाले व्यवहार को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, पुलिस की कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक पक्ष और हिरासत के कानूनी आधार को भी ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।