नई दिल्ली : अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र लिखा है। उन्होंने सिक्किम के राज्यपाल के रूप में दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर पुनर्विचार करने और मामले की सीबीआई जांच पूरी होने तक उन्हें पदभार ग्रहण नहीं करने देने की अपील की है।
राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर अब भी सवाल बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि करीब चार साल बीत जाने के बावजूद यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह वीआईपी कौन था, जिसका इस मामले में कथित तौर पर नाम सामने आया था।
राहुल गांधी ने दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर हैरानी जताते हुए कहा कि अंकिता के परिवार सहित कई लोग इस मामले में उनसे जुड़े होने के आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, ये आरोप हैं और मामले की जांच जारी है।
सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर पुनर्विचार की मांग
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि केंद्र सरकार को दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर दोबारा विचार करने के लिए कहा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उन्हें राज्यपाल का पदभार नहीं सौंपा जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने अपने पत्र में अंकिता के परिवार की न्याय की लड़ाई का उल्लेख करते हुए कहा कि उसके माता-पिता लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से इस मामले में हस्तक्षेप करने और परिवार की उम्मीद बनाए रखने की अपील की।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
उत्तराखंड के पौड़ी जिले में स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों को दोषी ठहराया गया है और वे उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
मामले में एक कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। अब सीबीआई इस पहलू की जांच कर रही है। दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।









