डेस्क : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लीबिया को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि यह उत्तरी अफ्रीकी देश अवैध प्रवासन के रास्ते के रूप में काम करना जारी नहीं रख सकता। ट्रंप ने लीबिया के लोगों की सराहना करते हुए आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों के सहयोग और लीबिया में स्थिरता स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
अवैध प्रवासन रोकने की जरूरत पर दिया जोर
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जारी बयान में कहा कि अमेरिका लीबिया के लोगों का सम्मान करता है। उन्होंने आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ लड़ाई में लीबियाई लोगों के योगदान का भी उल्लेख किया।
ट्रंप ने कहा, “हम लीबिया के लोगों और ISIS के खिलाफ लड़ाई में उनके बलिदानों का सम्मान करते हैं, जो हमारे दोनों देशों का साझा दुश्मन रहा है। लेकिन लीबिया अवैध प्रवासन का गलियारा नहीं बना रह सकता और इसे अब समाप्त होना चाहिए।”
उन्होंने अमेरिका और लीबिया के बीच आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को दोनों देशों की साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
लीबिया की एकता और राष्ट्रीय चुनावों का समर्थन
अमेरिकी राष्ट्रपति ने लीबिया में राजनीतिक एकता स्थापित करने और सरकारी संस्थानों को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका लीबिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और देश में राष्ट्रीय चुनावों की दिशा में आगे बढ़ने का समर्थन करता है।
ट्रंप ने लीबिया के लोगों से एकजुट होकर अपनी संप्रभुता मजबूत करने और शांतिपूर्ण एवं समृद्ध भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
विवादित बयान के बाद बढ़ा कूटनीतिक तनाव
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब लीबिया को लेकर उनकी हालिया टिप्पणियों पर विवाद खड़ा हो गया है। इससे पहले जॉर्जिया के पेरी में एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने लीबिया, यमन, हैती और सोमालिया का उल्लेख करते हुए डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन ओसॉफ की आव्रजन नीति से संबंधित विधायी पहल की आलोचना की थी।
इसके बाद लीबिया के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी प्रभारी राजनयिक को तलब कर ट्रंप की टिप्पणियों पर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। लीबिया के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह ऐसी टिप्पणियों को स्वीकार नहीं करता, जो उसके नागरिकों की गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंचाती हैं। लीबिया के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में सक्रिय प्रतिद्वंद्वी प्रशासन ने भी ट्रंप के बयानों की आलोचना की।
आगे क्या होगा?
ट्रंप के बयान से स्पष्ट है कि अमेरिका लीबिया के साथ अपने संबंधों में अवैध प्रवासन पर नियंत्रण, आतंकवाद विरोधी सहयोग और राजनीतिक स्थिरता जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दे रहा है। हालांकि, लीबिया की ओर से दर्ज कराया गया विरोध इस बात का संकेत है कि इन मुद्दों पर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद महत्वपूर्ण बना रहेगा।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अवैध प्रवासन रोकने, लीबिया की संस्थाओं को एकजुट करने और राष्ट्रीय चुनावों की दिशा में आगे बढ़ने को लेकर अमेरिका और लीबिया के बीच क्या कदम उठाए जाते हैं।









