पटना : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता और लंबे समय से राजद का मुखर चेहरा रहे मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजद में समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है और संगठन कुछ लोगों के प्रभाव में चल रहा है।
मृत्युंजय तिवारी ने अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल को सौंपते हुए कहा कि पिछले कई महीनों से पार्टी में उनकी लगातार उपेक्षा हो रही थी। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कई बार अपनी बात नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव तक पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
मीडिया से बातचीत में तिवारी ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव को कुछ लोगों ने “हाईजैक” कर रखा है। उनके अनुसार, पिछले छह-सात महीनों से वही लोग संगठन और फैसलों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से न केवल कार्यकर्ता निराश हैं, बल्कि पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी मौजूदा हालात में बेबस दिखाई दे रहे हैं।
तिवारी ने कहा कि उन्हें पार्टी में हमेशा अनुशासन और निष्ठा के साथ काम करने का अवसर मिला। उन्होंने याद दिलाया कि लालू प्रसाद यादव ने ही उन्हें पार्टी का मीडिया प्रभारी बनाया था और उन्होंने हर मंच पर राजद का मजबूती से पक्ष रखा। बावजूद इसके उन्हें सम्मान और उचित स्थान नहीं मिला, जिसके चलते उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल में राजद के वरिष्ठ प्रवक्ता का इस्तीफा पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा सकता है। हालांकि, मृत्युंजय तिवारी के आरोपों पर राजद नेतृत्व की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।








