‘मंगल मिलन’ में मोदी-शाह समेत राजग नेता जुटे, पहली बार राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी को न्योता

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नई दिल्ली : संसद में मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत एनडीए के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। पहली बार नवगठित नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) को भी इस बैठक में आमंत्रित किया गया। पार्टी से जुड़े पूर्व टीएमसी सांसदों की मौजूदगी ने बैठक को राजनीतिक रूप से खास बना दिया।

बैठक में एनसीपीआई के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय, काकोली घोष, शताब्दी रॉय, शर्मिला सरकार और मिताली बाग समेत अन्य नेताओं के शामिल होने की उम्मीद जताई गई। संसद के मानसून सत्र के दौरान हो रही इस बैठक में परीक्षा सुधार, पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों के साथ विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन पर भी चर्चा होने की संभावना है।

इस बीच, लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लगातार विपक्षी नारेबाजी के बीच सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही भी बाधित हुई। प्रस्तावित विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए 2024 के कानून में सात प्रमुख संशोधन किए जाने का प्रावधान है।

विधेयक में समयबद्ध जांच और सुनवाई, विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों की स्थापना, विशेष टास्क फोर्स और विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति, सजा को कड़ा करने, आर्थिक दंड बढ़ाने तथा अपील की प्रक्रिया को सरल बनाने जैसे प्रावधान शामिल हैं।

विधेयक पर चार घंटे की चर्चा के दौरान एनडीए की ओर से कई युवा सांसदों के हिस्सा लेने की संभावना है। इनमें भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज और तेजस्वी सूर्या के अलावा जदयू के आलोक कुमार सुमन, टीडीपी के लावू श्रीकृष्ण देवरायालु, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, एनसीपी के सुनील तटकरे, अपना दल की अनुप्रिया पटेल और लोजपा (रामविलास) के अरुण भारती शामिल हैं। एनडीए के सहयोगी दलों की ओर से शर्मिला सरकार और मिताली बाग भी चर्चा में भाग ले सकती हैं।

बैठक ऐसे समय में हुई है जब विपक्ष संसद में लगातार हंगामा कर रहा है। विपक्ष 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो’ प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही की मांग कर रहा है। साथ ही विपक्ष प्रस्तावित परीक्षा सुधार कानून की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठा रहा है।

इससे पहले 21 जुलाई को हुई एनडीए संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने पेपर लीक को राष्ट्रीय चिंता का विषय बताते हुए कहा था कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।

बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि प्रधानमंत्री ने कानूनी विशेषज्ञों से विचार-विमर्श कर परीक्षा में अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में किसानों के कल्याण और विभिन्न देशों के साथ हाल में हुए मुक्त व्यापार समझौतों पर भी चर्चा हुई थी।