रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने बुधवार को चार दिन बाद अपना जल उपवास तोड़ दिया। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर बातचीत के बाद महतो पानी पीने के लिए राजी हुए। हालांकि, उन्होंने अभी अन्न ग्रहण नहीं किया है और उनका अनशन जारी है।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे प्रदर्शन के दौरान महतो पिछले चार दिनों से अन्न और जल का त्याग किए हुए थे। बुधवार को सोनम वांगचुक ने उनसे फोन पर बातचीत की और स्वास्थ्य को देखते हुए जल ग्रहण करने की अपील की।
वांगचुक के सामने ग्रहण किया जल
बातचीत के दौरान महतो ने कहा कि वह सोनम वांगचुक का सम्मान करते हैं और चाहते हैं कि वह रांची आकर आंदोलन में शामिल हों। महतो ने कहा कि वह उनके सामने ही जल ग्रहण करेंगे। इसके बाद वांगचुक ने रांची आकर प्रदर्शन में शामिल होने और उनसे मिलने का आश्वासन दिया।
वीडियो कॉल पर हुई बातचीत के दौरान महतो ने नींबू-पानी और नमक का घोल लेकर अपना जल उपवास तोड़ा। वांगचुक इस दौरान वीडियो कॉल पर उनके साथ मौजूद रहे।
वांगचुक ने गांधी का उदाहरण दिया
सोनम वांगचुक ने महतो से बातचीत में महात्मा गांधी के अनशन का उदाहरण देते हुए कहा कि अनशन का उद्देश्य खुद को नुकसान पहुंचाना नहीं है। उन्होंने महतो से स्वास्थ्य का ध्यान रखने और पानी के साथ शहद लेने की भी अपील की।
वांगचुक ने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखना जरूरी है, ताकि आंदोलन को लंबे समय तक जारी रखा जा सके। उनकी अपील और रांची आने के आश्वासन के बाद महतो जल उपवास तोड़ने के लिए तैयार हुए।
जेपीएससी गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन जारी
झारखंड में जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्र कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांगों में परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की जांच शामिल है।
जल उपवास खत्म करने के बावजूद देवेंद्र महतो ने अपना अनशन पूरी तरह समाप्त नहीं किया है। आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन भी जारी है।








