नई दिल्ली : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारी छात्रों के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को उन्होंने अलग-अलग राज्यों से आए युवा प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और उनके साथ कथित पुलिस कार्रवाई तथा दबाव को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने दावा किया कि छात्रों को पीटा गया, धमकाया गया और कुछ प्रदर्शनकारियों के घरों पर असामाजिक तत्व भेजे गए।
राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों और पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने प्रदर्शनकारी युवाओं के साहस की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने भविष्य और देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आवाज उठा रहे थे।
‘15 साल की बच्ची से जबरन माफी मंगवाना गलत’
राहुल गांधी ने एक 15 वर्षीय छात्रा से कथित तौर पर माफी मंगवाए जाने को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों पर दबाव बनाना, उनके घरों पर लोगों को भेजना और नाबालिग लड़की से माफी मांगने के लिए मजबूर करना स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि छात्रों ने हिंसा या आक्रामकता का रास्ता नहीं अपनाया था, इसके बावजूद उनके खिलाफ बल प्रयोग किया गया। राहुल गांधी ने कहा कि युवा अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए आवाज उठा रहे हैं।
अमित शाह पर भी लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान एक युवती पर पेलेट गन से गोली चलाए जाने की घटना के लिए गृह मंत्री जिम्मेदार हैं। राहुल गांधी ने कहा कि यदि गृह मंत्री को इस कार्रवाई की जानकारी नहीं थी तो यह उनकी अक्षमता है और यदि आदेश दिया गया था तो उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को युवाओं की शिकायतें सुननी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
प्रदर्शनकारी छात्रों से की मुलाकात
राहुल गांधी के साथ मुलाकात के दौरान विभिन्न राज्यों से आए छात्र भी मौजूद रहे। उन्होंने छात्रों के अनुभव सुने और उनके मुद्दों को सार्वजनिक मंच पर उठाने का भरोसा दिया। राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं को अपने भविष्य के लिए सवाल पूछने और व्यवस्था में सुधार की मांग करने का पूरा अधिकार है।
शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा में कथित अनियमितताओं और प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता जा रहा है।








