वॉशिंगटन : अमेरिका और ब्राजील के बीच राजनयिक तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में ब्राजील की राजदूत मारिया लुइजा रिबेरो वियोटी का वीजा रद्द कर दिया है। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से CNN ने यह जानकारी दी है। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने वियोटी को persona non grata घोषित नहीं किया है और स्पष्ट किया है कि वीजा रद्द किया जाना राजदूत को देश से निष्कासित करने के समान नहीं है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह कदम ब्राजील की ओर से अमेरिका के राजदूत पद के लिए नामित डेनियल पेरेज को राजनयिक मंजूरी (agrement) देने में हो रही देरी के जवाब में उठाया गया है। अधिकारी के मुताबिक, यदि ब्राजील पेरेज को मंजूरी दे देता है तो वियोटी का वीजा तत्काल बहाल किया जा सकता है।
अमेरिका ने इसे ‘पारस्परिक कार्रवाई’ बताया है। अधिकारी ने कहा कि पिछले एक वर्ष में दोनों देशों के बीच कई अन्य राजनयिक मतभेद भी सामने आए हैं। इनमें ब्राजील द्वारा कुछ अमेरिकी अधिकारियों को वीजा देने से इनकार करना भी शामिल है।
हालांकि, वीजा रद्द किए जाने से वियोटी के अमेरिका में राजदूत के रूप में पद पर तत्काल क्या प्रभाव पड़ेगा, यह स्पष्ट नहीं है। एक अन्य वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यदि वियोटी अमेरिका छोड़ती हैं तो उन्हें वापस आने के लिए नए वीजा के लिए आवेदन करना होगा।
ब्राजील ने फैसले को बताया गलत
अमेरिकी कदम पर ब्राजील सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ब्राजील के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह वॉशिंगटन में अपनी राजदूत के वीजा में बदलाव के अमेरिकी फैसले की निंदा करता है। सरकार ने अमेरिका की ओर से दिए गए कारणों को भी खारिज कर दिया।
ब्राजील सरकार ने अपने बयान में कहा कि फैसले के समर्थन में अमेरिका की ओर से दिए गए दोनों कारण गलत हैं।
ब्राजील के राष्ट्रपति कार्यालय ने भी इसे अमेरिका की ओर से बढ़ते दबाव का हिस्सा बताया। राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, यह फैसला कोई अलग-थलग घटना नहीं है, बल्कि ब्राजील के खिलाफ उठाए जा रहे ऐसे कदमों की कड़ी है, जो दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान पर आधारित संबंधों के विपरीत हैं।
चुनाव से पहले बढ़ा विवाद
अमेरिका और ब्राजील के बीच यह तनाव ऐसे समय बढ़ा है, जब ब्राजील में अक्टूबर में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के सामने पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो के चुनाव लड़ने की संभावना है। फ्लावियो बोल्सोनारो इस साल की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत ट्रंप प्रशासन के कई अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं।
इससे पहले ब्राजील ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय के दो अधिकारियों को वीजा देने से इनकार कर दिया था। राष्ट्रपति लूला ने इस फैसले को संभावित चुनावी हस्तक्षेप की आशंका से जोड़ते हुए कहा था कि अमेरिकी अधिकारी ब्राजील की चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के उद्देश्य से देश की यात्रा करना चाहते थे।
हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस आरोप को खारिज करते हुए प्रस्तावित यात्रा को ‘नियमित दौरा’ बताया।
राजदूत का वीजा रद्द करने के फैसले ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद मतभेदों को और गहरा कर दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि ब्राजील अमेरिकी राजदूत के नाम पर अपनी मंजूरी कब देता है और क्या इससे दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनयिक तनाव को कम करने का रास्ता खुलता है।








