भारत-रूस व्यापार को 2030 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने की तैयारी, ऊर्जा सहयोग भी तेज

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मॉस्को : भारत और रूस ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने बुधवार को कहा कि दोनों देश व्यापार बढ़ाने के साथ-साथ सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने पर भी काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा क्षेत्रों में कारोबार का विस्तार करने के साथ नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाना प्राथमिकता है।

एएनआई से बातचीत में विनय कुमार ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री और रूस के राष्ट्रपति ने 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को 100 अरब डॉलर तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, “व्यापार बढ़ रहा है। हमारा लक्ष्य 2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार तक पहुंचना है। इसके लिए मौजूदा क्षेत्रों में व्यापार की मात्रा बढ़ाने के साथ नए सहयोग क्षेत्रों की तलाश की जा रही है।”

कुडनकुलम परमाणु परियोजना में तेजी

भारतीय राजदूत ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ बना हुआ है। रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम तमिलनाडु स्थित कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना पर लगातार काम कर रही है।

विनय कुमार के मुताबिक, परियोजना की तीसरी और चौथी इकाइयों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग आगे भी जारी रहेगा।

रूस में भारतीय कामगारों की संख्या एक लाख के पार

राजदूत ने रूस में भारतीय कुशल कामगारों और पेशेवरों की बढ़ती संख्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों में रूस में भारतीय कामगारों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उनके अनुसार, “हमारा मोटा अनुमान है कि दो-तीन साल पहले रूस में भारतीय कामगारों की संख्या करीब 10 से 15 हजार थी, जो अब बढ़कर एक लाख से अधिक हो गई है।”

इस साल होगी अंतरसरकारी आयोग की बैठक

विनय कुमार ने बताया कि भारत-रूस अंतरसरकारी आयोग की व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़ी अगली बैठक इस साल के अंत में आयोजित की जाएगी। बैठक में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही नए लक्ष्य तय करने और द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा होगी।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा भारत

राजदूत के बयान ऐसे समय में आए हैं जब भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। भारत 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। भारत ने रूस को भी सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, शिखर सम्मेलन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। ऐसे में भारत-रूस संबंधों में व्यापार, ऊर्जा और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने के साथ दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को नई गति देने पर भी जोर रहेगा।