पीओजेके के हालात पर चिंता, ब्रैडफोर्ड में ब्रिटिश कश्मीरी प्रवासियों का प्रदर्शन

0

डेस्क : पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ ब्रिटेन के ब्रैडफोर्ड में ब्रिटिश कश्मीरी प्रवासियों ने 5 अगस्त को प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) की मांगों के समर्थन में आवाज उठाते हुए क्षेत्र में मौलिक अधिकारों, नागरिक स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा की रक्षा की मांग की।

ब्रैडफोर्ड सिटी सेंटर में आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचे। प्रदर्शन के आयोजकों ने कहा कि इसका उद्देश्य पीओजेके में कथित रूप से बिगड़ती मानवाधिकार स्थिति की ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करना था।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों में सुरक्षा अभियानों के चलते आम नागरिकों के बीच भय का माहौल बना है और कई इलाकों में लोगों की आवाजाही तथा अन्य नागरिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। उनका दावा था कि इन कार्रवाइयों का असर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर भी पड़ा है।

प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर बल के अत्यधिक इस्तेमाल, घरों में छापेमारी और अन्य मानवाधिकार उल्लंघनों की घटनाओं की पारदर्शी एवं निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जवाबदेही सुनिश्चित करने और कानून के शासन को बनाए रखने की अपील की।

प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, मानवाधिकार संगठनों और ब्रिटिश सरकार से पीओजेके में जारी घटनाक्रम पर करीबी नजर रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की मौलिक स्वतंत्रता की रक्षा और क्षेत्र में उठाए जा रहे मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए।

आयोजकों के अनुसार, पीओजेके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार जारी है। उन्होंने दावा किया कि हाल के महीनों में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की घटनाओं में कई लोग मारे गए या घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र में जारी चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी कम जनभागीदारी और कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि पीओजेके के स्थानीय लोग पाकिस्तान के नियंत्रण को समाप्त करने और क्षेत्र के भविष्य को लेकर अधिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्षेत्र में शांति कायम करने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और स्थानीय आबादी के जीवन एवं अधिकारों की सुरक्षा के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।