स्पिन के खिलाफ संघर्ष पर कपिल देव की दो टूक, घरेलू क्रिकेट अनिवार्य करे बीसीसीआई

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स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर कपिल देव ने स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों के संघर्ष पर चिंता जताते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को अहम सलाह दी है। कपिल देव का मानना है कि सीनियर खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में अधिक बहुदिवसीय मुकाबले खेलने चाहिए। उनके मुताबिक, इससे अनुभवी खिलाड़ियों को अपनी तकनीक सुधारने का मौका मिलेगा और युवा क्रिकेटरों को उनसे सीखने का अवसर भी मिलेगा।

कपिल देव ने कहा कि भारतीय बल्लेबाज हाल के टेस्ट मैचों में स्पिन गेंदबाजी के सामने अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। उनका मानना है कि इसकी एक बड़ी वजह सीनियर खिलाड़ियों का घरेलू क्रिकेट से दूर रहना है। उन्होंने BCCI से इस मामले में सख्ती बरतने और खिलाड़ियों के लिए बहुदिवसीय घरेलू क्रिकेट में भागीदारी को अनिवार्य करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि घरेलू क्रिकेट खेलना बेहद जरूरी है। सीनियर खिलाड़ी अगर बहुदिवसीय मुकाबले खेलेंगे तो उन्हें टेस्ट क्रिकेट की जरूरतों के मुताबिक अपनी तकनीक और धैर्य को मजबूत करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, युवा खिलाड़ियों को भी देश के शीर्ष खिलाड़ियों के साथ और उनके सामने खेलने से काफी कुछ सीखने को मिलेगा।

टी20 और वनडे की अधिकता पर भी चिंता

कपिल देव ने भारतीय क्रिकेट के मौजूदा कार्यक्रम में टी20 और वनडे मैचों की अधिकता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सीमित ओवरों का क्रिकेट और टेस्ट क्रिकेट अलग-अलग तरह की चुनौतियां पेश करते हैं। टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजों को लंबे समय तक क्रीज पर टिकने, परिस्थितियों के अनुसार खेल बदलने और स्पिन गेंदबाजों का धैर्य के साथ सामना करने की जरूरत होती है।

पूर्व कप्तान ने उम्मीद जताई कि भारतीय क्रिकेट इससे निपटने का रास्ता खोज सकता है। उनका मानना है कि घरेलू क्रिकेट को मजबूत करना और सीनियर खिलाड़ियों की इसमें नियमित भागीदारी सुनिश्चित करना इस दिशा में अहम कदम हो सकता है।

युवा खिलाड़ियों को मिलेगा फायदा

कपिल देव की सलाह का एक महत्वपूर्ण पहलू युवा क्रिकेटरों से भी जुड़ा है। उनके मुताबिक, अगर अनुभवी खिलाड़ी घरेलू बहुदिवसीय मुकाबलों में हिस्सा लेते हैं तो युवा खिलाड़ियों को उनके साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने और मैदान पर उनके अनुभव से सीखने का मौका मिलेगा। इससे भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए मजबूत प्रतिभाएं तैयार करने में मदद मिल सकती है।

भारतीय टीम फिलहाल श्रीलंका दौरे पर है, जहां दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है। ऐसे में स्पिन के खिलाफ बल्लेबाजों की तकनीक और धैर्य एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है।