ट्रंप का बड़ा दावा: युद्ध के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने की योजना

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वॉशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त होने के बाद वह इस रणनीतिक जलमार्ग को “अमेरिका का क्षेत्र” घोषित करने की योजना बना रहे हैं।

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, लॉन्ग आइलैंड में एक रिपब्लिकन रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, “ईरान को हराने के बाद, जिसे बहुत बुरी तरह हराया जा रहा है, मैं जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिका का क्षेत्र घोषित करूंगा।”

ट्रंप इससे पहले भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिका के नियंत्रण का दावा कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अमेरिका का इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर “पूर्ण नियंत्रण” है और वह इसे अपने नियंत्रण में बनाए रखेगा। ट्रंप ने अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को “स्टील की दीवार” बताते हुए कहा था कि ईरान इसके सामने कुछ नहीं कर सकता।

ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को भी गंभीर नुकसान पहुंचने का दावा किया और तेहरान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ईरान के पास अब केवल “फर्जी खबरें” और “300 प्रतिशत महंगाई” है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब मध्य-पूर्व का दबंग नहीं रहा।

ईरान ने खारिज किए अमेरिकी दावे

ट्रंप के बयानों के तुरंत बाद ईरान ने अमेरिका के दावों को खारिज कर दिया। पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के बार-बार यह कहने से कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब बंद नहीं है, जमीनी स्थिति नहीं बदलती।

PGSA के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अभी भी बंद है और इसे तब तक नहीं खोला जाएगा, जब तक ईरान की शर्तें स्वीकार नहीं की जातीं।

क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

फारस की खाड़ी और अरब सागर के बीच स्थित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक समुद्री मार्गों में शामिल है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। यही कारण है कि यहां किसी भी सैन्य टकराव या नाकेबंदी का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है।

मौजूदा तनाव के बीच क्षेत्र में नौसैनिक गश्त बढ़ाई गई है और कई वाणिज्यिक जहाजों ने अपने समुद्री मार्गों में बदलाव किया है। हालांकि, इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से वाणिज्यिक आवाजाही कड़ी सुरक्षा निगरानी के बीच जारी है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने व्यापक संघर्ष की आशंका के बीच कूटनीतिक समाधान की मांग भी तेज कर दी है।

ट्रंप के ताजा बयान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच पहले से जारी टकराव को और गंभीर बना दिया है।