डेस्क : इंडोनेशिया में शनिवार तड़के 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से धरती कांप उठी। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 3 बजकर 28 मिनट 24 सेकंड पर आया। इसकी गहराई 49 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र 8.557 डिग्री दक्षिण अक्षांश और 121.181 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था।
भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई। यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (EMSC) के अनुसार, शक्तिशाली भूकंप के बाद संभावित सुनामी को लेकर अलर्ट जारी किया गया।
लगातार आए तीन बड़े झटके
पहले भूकंप के कुछ ही मिनट बाद क्षेत्र में दो और शक्तिशाली झटके महसूस किए गए। NCS के मुताबिक, सुबह 3 बजकर 43 मिनट 55 सेकंड पर फ्लोरेस सागर में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया। इसकी गहराई 63 किलोमीटर थी। इसका केंद्र इंडोनेशिया के फ्लोरेस और सुलावेसी द्वीपों के बीच स्थित फ्लोरेस सागर में दर्ज किया गया।
इसके करीब 15 मिनट बाद, सुबह 3 बजकर 58 मिनट 41 सेकंड पर 6.0 तीव्रता का तीसरा भूकंप आया। इसकी गहराई 42 किलोमीटर दर्ज की गई।
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है इंडोनेशिया
इंडोनेशिया दुनिया के उन क्षेत्रों में शामिल है, जहां भूकंपीय और ज्वालामुखीय गतिविधियां अक्सर होती रहती हैं। देश की भौगोलिक स्थिति इसे लगातार भूकंप के जोखिम वाले क्षेत्रों में रखती है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप पृथ्वी की सतह से करीब 700 किलोमीटर की गहराई तक कहीं भी आ सकते हैं। वैज्ञानिक अध्ययन के लिए भूकंप की गहराई को सामान्यतः उथले, मध्यम और गहरे भूकंपों में बांटा जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, उथले भूकंप अपेक्षाकृत अधिक खतरनाक हो सकते हैं, क्योंकि उनसे उत्पन्न भूकंपीय तरंगों को सतह तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ती है। इससे जमीन में अधिक तेज कंपन हो सकता है और इमारतों को नुकसान तथा जनहानि का खतरा बढ़ जाता है।








