डेस्क : भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक फेरबदल के बाद कांग्रेस ने भाजपा के आईटी सेल में हुए बदलाव पर प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा करते हुए अमित मालवीय को आईटी सेल प्रमुख के पद से हटा दिया है। उनकी जगह दीपक म्हास्के को जिम्मेदारी दी गई है। मालवीय करीब 11 वर्षों तक भाजपा की डिजिटल और सोशल मीडिया रणनीति से जुड़े रहे।
अमित मालवीय को हटाए जाने के बाद कांग्रेस की सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस बदलाव को लेकर भाजपा पर कटाक्ष किया और कहा कि पार्टी के भीतर हुए इस फैसले से कांग्रेस को खुशी हुई है।
भाजपा की डिजिटल टीम में बड़ा बदलाव
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में घोषित नई टीम में कई नए चेहरों को जगह दी गई है। इसी क्रम में अमित मालवीय की जगह दीपक म्हास्के को पार्टी के आईटी और सोशल मीडिया विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर संगठन और डिजिटल रणनीति को मजबूत करने में जुटी है।
दीपक म्हास्के की पहचान अकादमिक और संगठनात्मक पृष्ठभूमि वाले नेता के तौर पर है। वे चुनावी आंकड़ों और डेटा विश्लेषण के क्षेत्र में भी काम कर चुके हैं। भाजपा से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है और अब उन्हें पार्टी की राष्ट्रीय डिजिटल रणनीति की अहम जिम्मेदारी मिली है।
लंबे समय से आमने-सामने रहे हैं मालवीय और श्रीनेत
अमित मालवीय और सुप्रिया श्रीनेत के बीच सोशल मीडिया और राजनीतिक नैरेटिव को लेकर पहले भी तीखी बयानबाजी होती रही है। दोनों नेता कई मौकों पर एक-दूसरे की डिजिटल रणनीति और सोशल मीडिया गतिविधियों पर सवाल उठा चुके हैं। 2023 में एक सार्वजनिक बहस के दौरान श्रीनेत ने मालवीय पर फर्जी खबरों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था, जबकि मालवीय ने पलटवार करते हुए श्रीनेत को ट्रोल बताया था।
अब भाजपा की नई टीम में मालवीय को आईटी सेल प्रमुख की जिम्मेदारी से हटाए जाने के बाद कांग्रेस की ओर से आई प्रतिक्रिया को इसी पुराने राजनीतिक और डिजिटल टकराव के संदर्भ में देखा जा रहा है।
भाजपा की ओर से फिलहाल इस फेरबदल को संगठन के पुनर्गठन और नई टीम के गठन की प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है। पार्टी की नई डिजिटल टीम के सामने आगामी चुनावों से पहले सोशल मीडिया पर भाजपा की रणनीति को और प्रभावी बनाने की चुनौती होगी।








