चांद पर चीन की उड़ान को झटका, चांग’ई-7 मिशन की लॉन्चिंग टली

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डेस्क : चीन ने अपने महत्वाकांक्षी चंद्र मिशन चांग’ई-7 की लॉन्चिंग को टाल दिया है। चीन की मानवयुक्त अंतरिक्ष एजेंसी ने रविवार को कहा कि व्यापक समीक्षा के बाद मिशन को इस साल तय समयावधि में लॉन्च करना संभव नहीं है। यह फैसला एक रॉकेट की हालिया विफलता के करीब दो सप्ताह बाद आया है।

एजेंसी के मुताबिक, मिशन से जुड़ी परिस्थितियां फिलहाल लॉन्च के लिए उपयुक्त नहीं हैं। मिशन को टालने का निर्णय सावधानी, विश्वसनीयता और मिशन की पूर्ण सफलता सुनिश्चित करने के सिद्धांत पर लिया गया है। हालांकि, एजेंसी ने यह नहीं बताया कि किन तकनीकी या अन्य परिस्थितियों के कारण लॉन्च टाला गया है और नई लॉन्च तारीख कब तय की जाएगी।

चांग’ई-7 मिशन का उद्देश्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पानी और अन्य संसाधनों की खोज करना है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मिशन को रविवार या सोमवार को लॉन्ग मार्च-5 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया जाना था। पिछले सप्ताह चंद्र जांच यान और रॉकेट को दक्षिणी चीन के हैनान प्रांत स्थित वेनचांग स्पेस लॉन्च सेंटर के लॉन्च क्षेत्र में पहुंचाया गया था।

बुधवार तक लॉन्च साइट और संबंधित उपकरणों को सामान्य स्थिति में बताया गया था। उस समय अधिकारियों ने कहा था कि आवश्यक निरीक्षण किए जा रहे हैं और निकट भविष्य में लॉन्च की योजना है।

हालिया रॉकेट विफलता के बाद फैसला

चांग’ई-7 की लॉन्चिंग टलने का फैसला ऐसे समय में आया है जब करीब दो सप्ताह पहले वेनचांग से लॉन्च किए गए लॉन्ग मार्च-7ए रॉकेट में उड़ान के दौरान तकनीकी गड़बड़ी सामने आई थी। इस रॉकेट के जरिए झोंगशिंग-4बी संचार उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजा जा रहा था।

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, उड़ान के दौरान रॉकेट में एक ‘असामान्यता’ सामने आई थी। घटना की वजह की जांच की जा रही है।

2030 तक चांद पर इंसान भेजने का लक्ष्य

चीन पिछले कुछ वर्षों में अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम पर अरबों डॉलर खर्च कर रहा है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग इसे चीन के ‘स्पेस ड्रीम’ का हिस्सा बताते रहे हैं। चीन का लक्ष्य 2030 से पहले अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर उतारना है।

चीन ने जुलाई में पहली बार एक पुन: प्रयोज्य रॉकेट की सफल लैंडिंग का दावा किया था। इसे अंतरिक्ष कार्यक्रम में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया, क्योंकि पुन: प्रयोज्य रॉकेटों से भविष्य में लॉन्च की लागत कम करने में मदद मिल सकती है।

चांद पर मानव मिशन को लेकर चीन और अमेरिका के बीच भी प्रतिस्पर्धा जारी है। अमेरिका अपने आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत अंतरिक्ष यात्रियों को फिर से चंद्रमा पर भेजने की तैयारी कर रहा है।