गिल की कप्तानी पर कैफ के सवाल, बोले- टीम में नेतृत्व का अनुभव कम

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स्पोर्ट्स डेस्क : श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने के बाद भारतीय टीम की रणनीति और कप्तानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने भारतीय टीम को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मैच के अंतिम दिन भारतीय टीम कई मौकों पर असहाय नजर आई और कप्तान शुभमन गिल को भी मैदान पर मदद तलाशते हुए देखा गया।

भारत के पास कोलंबो टेस्ट जीतकर श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप करने का मौका था। पहला टेस्ट भारत ने जीता था, लेकिन दूसरे मुकाबले में श्रीलंका के बल्लेबाजों ने आखिरी दिन शानदार संघर्ष करते हुए मैच को ड्रॉ करा दिया। इस नतीजे के बाद भारत की रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है।

‘गिल मदद मांगते नजर आए’

कैफ ने कहा कि कोलंबो टेस्ट के अंतिम दिन गिल के आसपास पर्याप्त अनुभवी नेतृत्व मौजूद नहीं था। उनके मुताबिक टीम में केएल राहुल उपकप्तान हैं और ऋषभ पंत भी मौजूद हैं, जबकि रवींद्र जडेजा करीब 90 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। हालांकि, कैफ का मानना है कि टीम में ऐसे अनुभवी खिलाड़ी कम हैं जो मुश्किल परिस्थितियों में कप्तान को नेतृत्व संबंधी सलाह दे सकें।

कैफ ने यह भी कहा कि उन्होंने कई बार गिल को गेंदबाजों के पास जाते हुए देखा। श्रीलंका के सोनल दिनुशा के खिलाफ भारतीय गेंदबाजों की रणनीति पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उनके मुताबिक कुछ मौकों पर भारतीय टीम दबाव में दिखाई दी और परिस्थितियों का फायदा नहीं उठा सकी।

कप्तानी में अनुभव की कमी का मुद्दा

मोहम्मद कैफ ने शुभमन गिल की कप्तानी को लेकर सबसे बड़ा सवाल उनके प्रथम श्रेणी क्रिकेट के अनुभव को लेकर उठाया। उन्होंने कहा कि गिल ने रणजी ट्रॉफी में केवल दो मुकाबलों में कप्तानी की है। कैफ के अनुसार, सफेद गेंद के क्रिकेट में गिल के पास नेतृत्व का अनुभव जरूर है, लेकिन चार दिवसीय प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कप्तानी का अनुभव सीमित रहा है।

गिल ने रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली। कैफ का मानना है कि युवा कप्तान को सीधे बड़ी जिम्मेदारी देने के बजाय अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कुछ वर्षों तक काम करने का अवसर मिलना चाहिए था।

कैफ ने बताया नेतृत्व परिवर्तन का तरीका

कैफ के मुताबिक टीम में नेतृत्व परिवर्तन अचानक नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, जब किसी युवा खिलाड़ी को कप्तान बनाया जाता है तो उसे कुछ वर्षों तक वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ रहकर नेतृत्व की बारीकियां सीखने का अवसर मिलना चाहिए। इस दौरान वह टीम प्रबंधन, दबाव की परिस्थितियों और मैदान पर रणनीतिक फैसलों को बेहतर ढंग से समझ सकता है।

कोलंबो टेस्ट का ड्रॉ भारत के लिए निराशाजनक जरूर रहा, लेकिन टीम ने दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम की। कप्तान शुभमन गिल ने भी मैच के बाद सकारात्मक रुख अपनाते हुए टीम के प्रदर्शन और युवा खिलाड़ियों के योगदान की सराहना की।