जयपुर : नीट पीजी 2026 की परीक्षा के दौरान जयपुर के सीतापुरा स्थित दो परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी के चलते बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कंप्यूटर सिस्टम और बिजली आपूर्ति में आई समस्या के कारण कई अभ्यर्थी निर्धारित समय पर परीक्षा पूरी नहीं कर सके। घटना के बाद प्रभावित छात्रों ने परीक्षा केंद्र के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया।
रविवार को देशभर में नीट पीजी 2026 की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा 339 शहरों के 1111 केंद्रों पर हुई, जिसमें बड़ी संख्या में मेडिकल अभ्यर्थी शामिल हुए। जयपुर के सीतापुरा स्थित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा के दौरान तकनीकी व्यवधान की शिकायत सामने आई।
बार-बार क्रैश हुए कंप्यूटर
प्रभावित अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा शुरू होने के बाद कई कंप्यूटर सिस्टम बार-बार बंद हो रहे थे। कुछ छात्रों ने दावा किया कि उनका सिस्टम कई बार क्रैश हुआ, जिससे परीक्षा के दौरान उनका समय और एकाग्रता दोनों प्रभावित हुए। अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र पर तकनीकी व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।
छात्रों के अनुसार, लंबे समय से नीट पीजी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा का यह व्यवधान मानसिक रूप से भी परेशान करने वाला रहा। उनका कहना है कि तकनीकी समस्या उनकी गलती नहीं थी, फिर भी उन्हें परीक्षा के दौरान इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।
2445 छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा
मामले को गंभीरता से लेते हुए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने प्रभावित 2445 अभ्यर्थियों के लिए पुनः परीक्षा कराने का निर्णय लिया है। इन अभ्यर्थियों की परीक्षा 5 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे जयपुर में आयोजित की जाएगी।
NBEMS के अनुसार, परीक्षा के दौरान तकनीकी व्यवधान आंतरिक पावर सप्लाई में समस्या के कारण उत्पन्न हुआ। बोर्ड ने प्रभावित अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा का अवसर देने का फैसला किया है।
सचिन पायलट ने उठाए सवाल
जयपुर में हुई घटना को लेकर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों की मेहनत और भविष्य के साथ किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पायलट ने कहा कि तकनीकी गड़बड़ी अथवा अन्य कारणों से बार-बार परीक्षाएं प्रभावित होने से विद्यार्थियों में व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा होता है। ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
पूरे देश में री-एग्जाम की मांग
घटना के बाद कुछ प्रभावित अभ्यर्थियों ने पूरे देश में नीट पीजी की परीक्षा दोबारा कराने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्या के कारण यदि कुछ छात्रों को अतिरिक्त कठिनाई का सामना करना पड़ा है तो परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर व्यापक स्तर पर विचार होना चाहिए।
हालांकि, फिलहाल NBEMS ने केवल जयपुर के तकनीकी व्यवधान से प्रभावित 2445 अभ्यर्थियों के लिए ही पुनः परीक्षा की घोषणा की है। अब इन अभ्यर्थियों की नजर 5 सितंबर को होने वाली पुनः परीक्षा पर है।








