डेस्क : राजधानी में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्राध्यक्षों के सम्मान में आयोजित विशेष रात्रिभोज का शाकाहारी भोजन चर्चा का विषय बन गया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रात्रिभोज में केवल शाकाहारी भोजन परोसे जाने को लेकर टिप्पणी की।
राहुल गांधी ने सामाजिक माध्यम पर की गई अपनी टिप्पणी में भारत की खान-पान की विविधता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में लोग मांसाहारी भोजन करते हैं। उन्होंने भारतीय मांसाहारी व्यंजनों को स्वादिष्ट बताते हुए इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। राहुल गांधी ने अपनी टिप्पणी में अपनी बहन प्रियंका गांधी के पसंदीदा छोले-भटूरे का भी उल्लेख किया।
दरअसल, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत मंडपम में आयोजित विशेष रात्रिभोज में विदेशी मेहमानों के लिए पूरी तरह शाकाहारी भोजन की व्यवस्था की गई थी। भोजन में भारतीय पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ मोटे अनाज से तैयार किए गए कई व्यंजन भी शामिल किए गए थे।
भारत की ओर से आयोजित इस रात्रिभोज में देश की समृद्ध खान-पान परंपरा और विभिन्न क्षेत्रों के व्यंजनों को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया। भारतीय पारंपरिक भोजन को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने रखने को सांस्कृतिक परिचय और आतिथ्य का हिस्सा माना गया।
राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस पर भोजन जैसे विषय को भी राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। वहीं, कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी की टिप्पणी को भारत की खान-पान संबंधी विविधता से जोड़कर देखा गया।
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत की मेजबानी में भोजन को भी सांस्कृतिक कूटनीति के माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया। शाकाहारी भोजन के माध्यम से भारतीय परंपरा, स्थानीय सामग्री और विभिन्न क्षेत्रों की पाक कला को विदेशी मेहमानों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।








