स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने रविवार को मेजबान चीन को 1-0 से हराकर एएचएफ जूनियर एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने लगातार तीसरी बार महिला जूनियर एशिया कप का खिताब जीतकर खिताबी हैट्रिक पूरी की। साथ ही भारतीय टीम ने एफआईएच जूनियर महिला विश्व कप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया।
भारत की जीत की नायिका सानिका चंद्रकांत माने रहीं, जिन्होंने 17वें मिनट में शानदार गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। चीन ने पूरे मुकाबले में अधिक गेंद पर कब्जा बनाए रखा और भारतीय रक्षापंक्ति पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन संयम और अनुशासन का परिचय देते हुए मेजबान टीम को गोल करने का कोई आसान मौका नहीं दिया।
मुकाबले के शुरुआती दौर में दोनों टीमें दबाव में नजर आईं। चीन ने अधिक आक्रामक रवैया अपनाया, लेकिन भारत की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने उसकी कोशिशें नाकाम रहीं। पहला क्वार्टर गोलरहित रहा।
दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही भारत ने बढ़त हासिल कर ली। सानिका ने चीनी डिफेंडर के पीछे से तेजी से जगह बनाई और गोल से करीब पांच मीटर की दूरी पर पहुंचकर लंबी स्लैप-पुश पर शानदार डिफ्लेक्शन किया। उनका यह प्रयास चीन की गोलकीपर शू मेंगजियाओ को छकाते हुए गोल में पहुंच गया।
चीन को बराबरी का सबसे अच्छा मौका पेनल्टी कॉर्नर के रूप में मिला, लेकिन उसका सीधा शॉट निर्धारित बैकबोर्ड की ऊंचाई से ऊपर चला गया और गोल अमान्य कर दिया गया। इसके बाद हाफ टाइम से दो मिनट पहले भारतीय कप्तान खैदेम शिलीमा चानू के पास बढ़त दोगुनी करने का मौका आया, लेकिन चीन की गोलकीपर ने शानदार बचाव करते हुए उनका शॉट रोक दिया।
दूसरे हाफ में चीन ने बराबरी के लिए लगातार दबाव बनाया। तीसरे क्वार्टर में बेसलाइन से हुए एक बेहतरीन मूव के बाद चीन ने गोल के सामने खतरनाक पास दिया, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने खतरे को भांपते हुए समय रहते गेंद को रोक दिया।
अंतिम क्वार्टर में भारत ने अपनी रक्षात्मक मजबूती का शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय खिलाड़ी अपने सर्किल के आसपास पूरी तरह संगठित और सतर्क रहीं। चीन ने बराबरी के लिए कई प्रयास किए, लेकिन भारतीय डिफेंस को भेदने में सफल नहीं हो सका। आखिरकार भारत ने 1-0 की बढ़त बरकरार रखते हुए खिताब अपने नाम कर लिया।
भारत पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा। एलीट पूल में तीन जीत और एक ड्रॉ के साथ शीर्ष पर रहने के बाद भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-1 से हराया और फिर फाइनल में चीन को 1-0 से मात देकर लगातार दूसरी बार खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया।
इस शानदार उपलब्धि पर हॉकी इंडिया ने प्रत्येक खिलाड़ी को तीन लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को डेढ़ लाख रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की।







