हसीना का भारत आना अप्रत्याशित था, भारतीय सेना की इसमें कोई भूमिका नहीं : भारतीय उच्चायुक्त

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ढाका : बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने शनिवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का दो वर्ष पहले नई दिल्ली पहुंचना अप्रत्याशित घटनाक्रम था। उन्होंने स्पष्ट किया कि हसीना को भारत लाने में भारतीय वायुसेना या थलसेना की कोई भूमिका नहीं थी। त्रिवेदी ढाका में स्थानीय थिंक टैंक सेंटर फॉर गवर्नेंस स्टडीज की ओर से आयोजित ‘बे ऑफ बंगाल कन्वर्सेशन’ में बोल रहे थे।

शेख हसीना की कानूनी स्थिति और उनके प्रत्यर्पण की मांग से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए त्रिवेदी ने कहा, “हसीना जी को भारतीय वायुसेना या भारतीय सेना भारत लेकर नहीं आई थी।” उन्होंने कहा कि उस समय बांग्लादेश में बने गंभीर और दुखद हालात के कारण यह घटनाक्रम हुआ। उन्होंने उम्मीद जताई कि दुनिया के किसी भी हिस्से में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो, जिसमें निर्दोष लोगों की जान जाए।

भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि भारत भी इस घटनाक्रम को लेकर पहले से तैयार नहीं था। उन्होंने कहा कि जिस समय हसीना भारत पहुंचीं, उस समय वह बांग्लादेश की प्रधानमंत्री थीं। त्रिवेदी के अनुसार, उन्हें टेलीविजन के माध्यम से घटनाक्रम की जानकारी मिली और शुरुआत में यह खबर सामने आ रही थी कि हसीना किसी दूसरे देश जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि परिस्थितियां इतनी तेजी से बदलीं कि भारत के पास बहुत सीमित विकल्प थे। पड़ोसी देश होने के नाते भारत के लिए उस समय सामने आई वास्तविकता को स्वीकार करना आवश्यक था। त्रिवेदी ने सवाल किया कि ऐसी परिस्थिति में भारत के पास और क्या विकल्प था। उन्होंने कहा कि यदि भारत लैंडिंग की अनुमति नहीं देता तो घटनाक्रम का स्वरूप पूरी तरह अलग हो सकता था।

त्रिवेदी ने कहा कि भारत और बांग्लादेश दोनों जीवंत लोकतंत्र हैं और दोनों देशों की कानूनी व्यवस्थाएं अपने-अपने स्तर पर संबंधित मामलों की समीक्षा कर रही हैं। उन्होंने द्विपक्षीय कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों को भी इसी संदर्भ में देखने की बात कही।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने दिसंबर 2024 में भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण का औपचारिक अनुरोध किया था। इसके बाद फरवरी 2026 के आम चुनाव के बाद सत्ता में आई प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार की ओर से भी हसीना के प्रत्यर्पण की मांग लगातार उठाई जाती रही है।

बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने इस वर्ष की शुरुआत में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ वार्ता के दौरान भी यह मुद्दा उठाया था। वहीं, अगस्त में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी से शिष्टाचार भेंट के दौरान प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भी शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया था।