डेस्क : रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान सूमी क्षेत्र में भारतीय फार्मा कंपनी के एक संयंत्र पर रूसी ड्रोन हमला हुआ है। हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। ड्रोन हमले से प्लांट की इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है और इसका एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया।
यह संयंत्र भारतीय मूल के कुसुम ग्रुप का बताया जा रहा है। कंपनी का सूमी में फार्मा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है, जहां विभिन्न प्रकार की जेनेरिक दवाओं का उत्पादन किया जाता है। हमले के बाद संयंत्र में काफी नुकसान हुआ है और नुकसान का शुरुआती अनुमान करीब 400 करोड़ रुपये या उससे अधिक बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, हमले के दौरान संयंत्र में कर्मचारी मौजूद थे। ड्रोन हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत एवं बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर अभियान शुरू किया। हमले में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मलबे की जांच और राहत अभियान पूरा होने के बाद नुकसान तथा हताहतों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
कुसुम ग्रुप ने वर्ष 1994 में यूक्रेन में भारतीय दवाओं के वितरण के साथ अपना कारोबार शुरू किया था। इसके बाद कंपनी ने स्थानीय स्तर पर दवाओं का निर्माण शुरू किया। सूमी स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की शुरुआत वर्ष 2009 में हुई थी। कंपनी यूक्रेन के अलावा कई अन्य देशों में भी अपनी दवाओं का कारोबार करती है।
रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भी कंपनी ने सूमी स्थित संयंत्र में अपना काम जारी रखा था। हालांकि, ताजा ड्रोन हमले से संयंत्र के संचालन पर बड़ा असर पड़ा है। हमले में उत्पादन से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाओं और इमारतों को नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी रूस की ओर से किए गए ताजा ड्रोन हमलों का उल्लेख किया है। उन्होंने सूमी क्षेत्र में दवा से जुड़े एक प्रतिष्ठान पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत की जानकारी देते हुए मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
सूमी क्षेत्र रूस की सीमा के करीब स्थित है और रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यह इलाका लगातार रूसी हमलों के निशाने पर रहा है। भारतीय कंपनी के संयंत्र पर हुआ यह हमला युद्ध के बीच यूक्रेन में काम कर रही विदेशी कंपनियों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के सामने बढ़ते सुरक्षा जोखिम को भी उजागर करता है।








