आचार्य तुलसी मानवीय विकास के अवतार पुरुष थे : मुनिश्री तत्त्व रुचि

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जयपुर :  मालवीय नगर स्थित अणुविभा केन्द्र में रविवार को श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के 33वें विकास महोत्सव का आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी आयोजन हुआ। मुनिश्री तत्त्व रुचि जी ‘तरुण’ एवं मुनिश्री संभव कुमार जी के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में आचार्य श्री तुलसी के व्यक्तित्व, कृतित्व और उनके मानव कल्याण के संदेश को स्मरण किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुनिश्री तत्त्व रुचि जी ‘तरुण’ ने कहा कि आचार्य श्री तुलसी विकास के पर्याय पुरुष थे। वे मानवता के मसीहा और मानवीय विकास के अवतार पुरुष थे। उन्होंने आचार्य तुलसी को कुशल अनुशास्ता, समाज सुधारक, नारी-उद्धारक और धर्म क्रांति का कर्णधार बताते हुए कहा कि नारी जागरण, संस्कार निर्माण, रूढ़ियों के उन्मूलन तथा सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध उन्होंने निरंतर कार्य किया।

मुनिश्री ने कहा कि आचार्य तुलसी ने नैतिक जीवन की प्रतिष्ठा के लिए अणुव्रत आंदोलन, मानसिक शांति एवं तनाव मुक्ति के लिए प्रेक्षाध्यान तथा व्यक्तित्व निर्माण और शिक्षा जगत की चुनौतियों के समाधान के लिए जीवन विज्ञान का संदेश दिया। उनके ये प्रयास मानव जीवन के नैतिक, मानसिक और सामाजिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण रहे।

मुनिश्री संभव कुमार जी ने कहा कि आचार्य श्री तुलसी ने विकास के केवल सपने नहीं देखे, बल्कि उन्हें साकार करने के लिए निरंतर प्रयास भी किए। उन्होंने कहा कि जैन धर्म के एक बड़े संगठन के अनुशास्ता होने के बावजूद आचार्य तुलसी का दृष्टिकोण व्यापक और मानवतावादी था। उनका संदेश था कि पहले मानव, उसके बाद धार्मिक, जैन और फिर किसी पंथ का आचार्य—यह दृष्टि उनके व्यक्तित्व की उदारता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया को अणुबम नहीं, बल्कि अणुव्रत की आवश्यकता है।

विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

विकास महोत्सव के अवसर पर अणुव्रत समिति जयपुर की ओर से ‘अणुव्रत क्रिएटिविटी कॉन्टेस्ट’ का भी आयोजन किया गया। अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में जयपुर के 45 विद्यालयों के 225 विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

अणुव्रत समिति जयपुर के अध्यक्ष विनोद जी वैद ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के शुभारंभ की घोषणा की। समिति की ओर से आगंतुक अतिथियों का शील्ड एवं दुपट्टा भेंट कर सम्मान किया गया। प्रतियोगिताओं के उपरांत प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मेडल प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा जयपुर से सुमेर चन्द जी बांठिया, तेरापंथ युवक परिषद से सौरभ जी जैन, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम से पवन जी जैन तथा तेरापंथ महिला मंडल शहर की अध्यक्षा कौशल्या जी जैन सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे और अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम का संयोजन अणुव्रत समिति मंत्री जयश्री जी सिद्धा ने किया। श्री नरेन्द्र जी चिंडालिया, कमलेश जी बरड़िया सहित समिति के अन्य सदस्यों ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग दिया।