डेस्क : समाजवादी पार्टी में परिवारवाद को लेकर चल रही बहस के बीच पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सपा में अब तक बड़ी टूट नहीं हुई, क्योंकि उनके परिवार के पांच सदस्य पार्टी के सांसद हैं। अखिलेश ने यह भी कहा कि कभी-कभी परिवारवाद के अपने फायदे भी होते हैं।
पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी के साथ कई समर्पित मुस्लिम नेता और पक्के समाजवादी भी जुड़े हुए हैं। ऐसे में यदि कुछ सांसद अलग भी होते हैं तो पार्टी की संख्या पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यही मजबूती सपा को एकजुट रखने में मदद करती है।
‘सपा अपने गठबंधन का साथ नहीं छोड़ती’
गठबंधन को लेकर चल रही अटकलों पर भी अखिलेश यादव ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने सहयोगियों का साथ नहीं छोड़ती। जब पार्टी किसी के साथ आगे बढ़ने का फैसला करती है तो अपने वादे और प्रतिबद्धता का सम्मान करती है।
पीडीए को बताया राजनीति का आधार
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की राजनीति का केंद्र पीडीए यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य समाजवाद और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर आधारित सरकार बनाना है।
अखिलेश का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं और सपा की रणनीति को लेकर लगातार चर्चा चल रही है।








