डेस्क: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज करते हुए लगातार 13वीं रात ताजा हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने गुरुवार को बताया कि अमेरिकी बलों ने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर नई लहर में हमले किए। CENTCOM के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से उत्पन्न खतरों को कम करना और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि अमेरिकी सेनाओं ने स्थानीय समयानुसार शाम 6:45 बजे से ईरान के सैन्य ठिकानों पर एक और रात हमले शुरू किए। कमांड ने कहा कि यह लगातार 13वीं रात है, जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई की है।
इससे पहले CENTCOM ने दावा किया था कि ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी दोबारा शुरू किए जाने के बाद पिछले नौ दिनों में अमेरिकी बलों ने 12 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदल दिया है, जबकि एक जहाज को निष्क्रिय कर दिया गया। इसका उद्देश्य जहाजों को ईरानी बंदरगाहों या तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करने अथवा वहां से बाहर निकलने से रोकना बताया गया है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान से संबंधित किसी भी कार्रवाई में जहाजों और माल को हुए नुकसान की भरपाई अमेरिका के नियंत्रण में मौजूद ईरानी धन से की जाएगी। ट्रंप ने इसे ‘न्यायसंगत और उचित’ कदम बताया।
ट्रंप ने इससे पहले ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ संघर्ष में ‘बेहद अच्छा’ प्रदर्शन कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के इरादे सही नहीं हैं और उसे परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार रखने के बारे में सोचने तक की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने दावा किया कि यदि अमेरिका यह कदम नहीं उठाता तो कोई अन्य देश ऐसा करने की क्षमता नहीं रखता।








