बुखारेस्ट : भारत और रोमानिया ने आर्थिक सहयोग को द्विपक्षीय संबंधों का प्रमुख स्तंभ बताते हुए अगले तीन वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। दोनों देशों ने फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि, हरित हाइड्रोजन, स्वास्थ्य, उर्वरक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की रोमानिया की ऐतिहासिक यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खेल और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग को लेकर समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह तीन दशकों में किसी भारतीय राष्ट्रपति की रोमानिया की पहली यात्रा है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत और रोमानिया के बीच सात दशकों से अधिक समय से आपसी विश्वास, सम्मान और मजबूत जनसंपर्क पर आधारित मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। उन्होंने कहा कि समय के साथ दोनों देशों की साझेदारी लगातार मजबूत हुई है और अब यह अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्यों, मजबूत सहयोग और भविष्य की साझा दृष्टि के साथ नए चरण में प्रवेश कर रही है।
उन्होंने कहा कि दोनों देश व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और दोनों देशों के उद्योगों के बीच करीबी सहयोग को प्रोत्साहित करने पर सहमत हुए हैं। रक्षा सहयोग को भी साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि नियमित आदान-प्रदान, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग के माध्यम से इसे और मजबूत किया जाएगा।
राष्ट्रपति मुर्मू ने बताया कि भारत ने रोमानिया के लिए आईटीईसी कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण के अवसरों को दोगुना करने का निर्णय लिया है। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े पाठ्यक्रम भी शामिल होंगे। भारतीय विदेश सेवा संस्थान द्वारा रोमानियाई राजनयिकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें एआई और साइबर कूटनीति पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के तहत भारत और रोमानिया के बीच जारी सहयोग का स्वागत किया। साथ ही, रोमानिया के आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन में शामिल होने के इरादे का भी स्वागत किया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि वर्ष 2028 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 80 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारत-रोमानिया वर्ष के रूप में ‘इनोवेशन ईयर’ मनाने पर सहमति बनी है।
रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर दान ने राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि भारत और रोमानिया के बीच लंबे समय से मजबूत साझेदारी रही है और आर्थिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि रोमानिया में भारतीय निवेश बढ़ रहा है और दोनों पक्षों ने निवेश को और बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। इस दौरान भारत और रोमानिया के बीच सीधी उड़ान शुरू करने के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श हुआ।
राष्ट्रपति दान ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक नई शुरुआत की है और उन्हें पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में भारत और रोमानिया के बीच सहयोग और मजबूत होगा।
इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू का बुखारेस्ट स्थित कोट्रोचेनी पैलेस में औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया तथा शांति, संवाद और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई। राष्ट्रपति मुर्मू ने रोमानिया की गर्मजोशी भरी मेजबानी के लिए आभार जताते हुए राष्ट्रपति निकुसोर दान को जल्द भारत आने का निमंत्रण देने की उम्मीद जताई।








