डेस्क : पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ असंतोष एक बार फिर खुलकर सामने आया है। रावलाकोट के ईदगाह मैदान में आयोजित एक विशाल जनसभा में हजारों लोगों ने भाग लिया। इस दौरान स्थानीय नेता सरदार अमन खान ने पाकिस्तान के आधिकारिक रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर “न तो आज़ाद है और न ही विवादित, बल्कि यह एक कब्जे वाला क्षेत्र है।”
जनसभा को संबोधित करते हुए अमन खान ने कहा कि पीओके की जनता वर्षों से राजनीतिक अधिकारों, आर्थिक विकास और बेहतर प्रशासन की मांग कर रही है, लेकिन उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों की आवाज़ को दबाया जा रहा है और क्षेत्र के भविष्य से जुड़े निर्णय जनता की इच्छा के अनुरूप नहीं लिए जा रहे।
सभा में मौजूद लोगों ने लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली, स्थानीय संसाधनों पर जनता का अधिकार सुनिश्चित करने तथा गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए क्षेत्र में राजनीतिक सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया।
हाल के महीनों में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में महंगाई, बेरोजगारी, प्रशासनिक नीतियों और नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़े हैं। विश्लेषकों का मानना है कि जनता के बढ़ते असंतोष ने पाकिस्तान सरकार के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
रैली के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। हालांकि, आंदोलन से जुड़े नेताओं ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे।








