कुछ स्वाद सिर्फ जीभ को नहीं, यादों को भी तृप्त करते हैं। दादी-नानी के हाथ का सूजी का हलवा भी ऐसा ही स्वाद है। घी की खुशबू, भुनी हुई सूजी की महक, इलायची की मिठास और ऊपर से डालें गए मेवे—इन सबके साथ इसमें घुला होता है घर का अपनापन।
बचपन में जब रसोई से घी और सूजी के भुनने की खुशबू आती थी, तो बिना बुलाए ही कदम रसोई की ओर बढ़ जाते थे। दादी या नानी बड़े धैर्य से सूजी को सुनहरा होने तक भूनतीं और फिर उसमें धीरे-धीरे गरम पानी या दूध डालकर हलवा तैयार करतीं। उनका बनाया हलवा शायद आज की रेसिपी की तरह नपा-तुला नहीं होता था, लेकिन स्वाद में उसका कोई मुकाबला नहीं था।
सामग्री
- सूजी – 1 कप
- देसी घी – ½ कप
- चीनी – ¾ कप से 1 कप, स्वादानुसार
- पानी – 2½ से 3 कप
- इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
- काजू – 8-10
- बादाम – 8-10
- किशमिश – 1 बड़ा चम्मच
- केसर – कुछ धागे, वैकल्पिक
बनाने की विधि
सबसे पहले एक कड़ाही में देसी घी गरम करें। इसमें सूजी डालकर धीमी से मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें। यही वह चरण है जो हलवे के स्वाद को खास बनाता है। सूजी को जल्दबाजी में तेज आंच पर न भूनें, बल्कि धैर्य से तब तक भूनें जब तक उसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए और रसोई में इसकी सौंधी खुशबू न फैलने लगे।
दूसरी ओर पानी को गरम कर लें। जब सूजी अच्छी तरह भुन जाए, तब इसमें सावधानी से गरम पानी डालें। पानी डालते समय लगातार चलाते रहें, ताकि सूजी में गांठें न पड़ें।
अब इसमें चीनी डालें और धीमी आंच पर हलवे को पकने दें। जैसे-जैसे सूजी पानी सोखेगी, हलवा गाढ़ा होता जाएगा। इसमें इलायची पाउडर, किशमिश और कटे हुए काजू-बादाम डाल दें। यदि चाहें तो केसर भी मिला सकते हैं।
जब हलवा कड़ाही छोड़ने लगे और घी किनारों पर दिखाई देने लगे, तो समझिए कि आपका गरमागरम सूजी का हलवा तैयार है।
दादी-नानी वाला स्वाद पाने का छोटा-सा राज
सूजी को अच्छी तरह भूनना और जल्दबाजी न करना इस हलवे की सबसे जरूरी बात है। दादी-नानी अक्सर हलवे को धीमी आंच पर पकाती थीं और हर चरण में समय देती थीं। यही धैर्य हलवे को वह खास सौंधापन देता है, जिसे आधुनिक रसोई में अक्सर हम जल्दी के कारण खो देते हैं।
गरम हलवे को कटोरी में निकालें, ऊपर से थोड़ा घी, कुछ मेवे और केसर से सजाएं और परिवार के साथ परोसें।
क्योंकि दादी-नानी के हाथ का सूजी हलवा सिर्फ एक मिठाई नहीं, बचपन की वह याद है जो हर निवाले के साथ फिर से मीठी हो जाती है।








