डेस्क : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे करोड़ों किसानों के लिए जरूरी खबर है। अगली किस्त जारी होने से पहले किसानों को अपनी जानकारी और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर लेनी चाहिए। किसी भी स्तर पर जानकारी अधूरी रहने पर किस्त का भुगतान अटक सकता है।
पीएम-किसान योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000-2,000 रुपये की तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है।
ई-केवाईसी जरूरी
अगली किस्त का लाभ लेने के लिए किसानों की ई-केवाईसी पूरी होना जरूरी है। जिन किसानों की ई-केवाईसी अब तक पूरी नहीं हुई है, उन्हें इसे जल्द पूरा कर लेना चाहिए। ई-केवाईसी नहीं होने की स्थिति में किस्त रुक सकती है।
आधार से जुड़ा हो बैंक खाता
किसानों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका बैंक खाता आधार से जुड़ा हो और उसमें डीबीटी की सुविधा सक्रिय हो। बैंक खाते की जानकारी में किसी तरह की गलती होने पर सरकारी सहायता खाते में पहुंचने में परेशानी हो सकती है।
जमीन के रिकॉर्ड का सत्यापन
पीएम-किसान का लाभ लेने वाले किसानों के लिए भूमि रिकॉर्ड का सही होना भी महत्वपूर्ण है। किसानों को यह जांच लेना चाहिए कि उनके जमीन संबंधी रिकॉर्ड में नाम और अन्य विवरण सही दर्ज हैं तथा भूमि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
लाभार्थी सूची में नाम जांचें
किसानों को अगली किस्त से पहले पीएम-किसान योजना में अपनी लाभार्थी स्थिति भी जांच लेनी चाहिए। इसके लिए किसान योजना के पोर्टल पर जाकर अपना स्टेटस देख सकते हैं। अगर किसी जानकारी में गलती है तो उसे समय रहते ठीक कराया जा सकता है।
किसानों के लिए जरूरी है कि वे ई-केवाईसी, आधार-बैंक लिंकिंग, भूमि रिकॉर्ड और लाभार्थी स्थिति से जुड़ी इन चारों बातों की जांच कर लें। इससे अगली किस्त के भुगतान में संभावित अड़चन से बचा जा सकता है।








