भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत जारी, कुछ मुद्दों पर सहमति बाकी: विदेश मंत्रालय

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नई दिल्ली : भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में बातचीत जारी है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि दोनों देशों ने समझौते को लेकर काफी काम किया है, लेकिन कुछ मुद्दों पर अभी अंतिम सहमति बनना बाकी है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान यह जानकारी दी। अमेरिका की ओर से हाल में घोषित नए टैरिफ और उसके खिलाफ कई अमेरिकी राज्यों द्वारा कानूनी चुनौती दिए जाने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत लगातार जारी है।

जायसवाल ने कहा, “भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है। इस दिशा में दोनों पक्षों ने काफी काम किया है।”

उन्होंने आगे कहा कि कुछ ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर दोनों देश अभी भी बातचीत कर रहे हैं। इन मुद्दों को अंतिम रूप देने के लिए नई दिल्ली और वाशिंगटन लगातार संपर्क में हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “कुछ मुद्दे हैं, जिन पर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है और दोनों देश अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं।”

गौरतलब है कि जुलाई में अमेरिका ने अपनी व्यापार नीति के तहत कई अर्थव्यवस्थाओं के लिए 10 और 12.5 प्रतिशत के नए टैरिफ स्लैब की घोषणा की थी। भारत को 10 प्रतिशत के निचले टैरिफ वर्ग में रखा गया है।

इसी बीच, अमेरिका के 25 राज्यों के एक गठबंधन ने ट्रंप प्रशासन की ओर से लगाए गए नए आयात शुल्क को अदालत में चुनौती दी है। मुकदमे में यूरोपीय संघ समेत करीब 60 देशों से होने वाले आयात पर लगाए गए शुल्क को लेकर प्रशासन के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया गया है।

अमेरिकी राज्यों का आरोप है कि ये टैरिफ प्रशासन की कानूनी शक्तियों से परे हैं और इनके चलते अमेरिकी उपभोक्ताओं तथा कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है। मुकदमा अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में दायर किया गया है, जिसकी अगुवाई कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बोंटा के साथ एरिजोना और ओरेगन के अटॉर्नी जनरल कर रहे हैं।

मामले में 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत की गई जांच के बाद लगाए गए टैरिफ को चुनौती दी गई है। ऐसे में भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के बीच अमेरिकी टैरिफ नीति और उसके खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया पर भी नजर बनी हुई है।