डेस्क : भारत के साथ तनाव के बीच पाकिस्तान ने सीमा पर अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने भारत से लगती सीमा के संवेदनशील इलाकों में चीन निर्मित एसएच-15 हॉवित्जर समेत कई सैन्य उपकरणों की तैनाती शुरू की है। सीमा पर तोपखाने, रडार और वायु रक्षा प्रणालियों की मौजूदगी बढ़ाए जाने से पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने भारत से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा के अलावा नियंत्रण रेखा के आसपास भी अपनी सैन्य गतिविधियों में तेजी की है। राजस्थान के बाड़मेर से सटे पाकिस्तान के इलाकों और लोंगेवाला सेक्टर के सामने भी पाकिस्तानी सेना की गतिविधियों में बढ़ोतरी की जानकारी सामने आई है। इन क्षेत्रों में चीन से मिले आधुनिक हथियारों और निगरानी प्रणालियों को तैनात किए जाने की बात कही गई है।
चीन निर्मित एसएच-15 पर पाकिस्तान का भरोसा
पाकिस्तान की नई तैनाती में चीन निर्मित एसएच-15 155 मिलीमीटर सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर को अहम माना जा रहा है। यह पहिएदार तोप प्रणाली है, जिसे अपेक्षाकृत तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है। इसकी तैनाती से पाकिस्तान की लंबी दूरी तक मार करने वाली तोपखाना क्षमता को मजबूती मिलने का दावा किया जा रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान ने चीन से बड़ी संख्या में एसएच-15 हॉवित्जर हासिल किए हैं। सीमा के करीब इनकी तैनाती को पाकिस्तान की ओर से अपनी अग्रिम सैन्य क्षमता मजबूत करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
वायुसेना की गतिविधियां भी बढ़ीं
जमीनी स्तर पर सैन्य तैनाती के साथ पाकिस्तान वायुसेना की गतिविधियों में भी तेजी की खबर है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी वायुसेना ने विभिन्न सैन्य अभ्यास किए हैं, जिनमें एफ-16, जे-10 और जेएफ-17 जैसे लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा पाकिस्तानी सेना की स्ट्राइक कोर की ओर से भी युद्धाभ्यास और प्रशिक्षण गतिविधियां किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सीमा पर बढ़ी निगरानी
भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण माहौल के बीच पाकिस्तान की ओर से भारी हथियारों और सैन्य निगरानी प्रणालियों की तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीमा पर सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से की गई इन तैनातियों को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सीमा के करीब आधुनिक तोपखाने और वायु रक्षा प्रणालियों की तैनाती किसी भी देश की अग्रिम सैन्य तैयारी का हिस्सा हो सकती है। ऐसे में मौजूदा गतिविधियों को भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ी सैन्य सतर्कता के व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है।








