डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नई दिल्ली में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने तथा रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने पर चर्चा हुई। बातचीत में व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल रहे।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और कनाडा के बीच दूरदर्शी रणनीतिक साझेदारी विकसित करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग को इस तरह आगे बढ़ाया जाना चाहिए, जिससे दोनों देशों के लोगों को ठोस लाभ मिल सके। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर मुलाकात को उपयोगी बताते हुए कहा कि भारत व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच आदान-प्रदान के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इससे पहले बुधवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ बैठक की। दोनों नेताओं ने व्यापार एवं निवेश, शिक्षा, ऊर्जा, रक्षा और जनस्तर पर संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की। इसके साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया तथा भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की।
जयशंकर ने एक्स पर कहा कि दोनों देशों के नेतृत्व के मार्गदर्शन और सरकारों तथा उद्योग जगत के बीच निरंतर संवाद के माध्यम से रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाया जा रहा है।
तीन दशकों में सबसे बड़ा कनाडाई कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भारत में
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद मंगलवार को भारत पहुंची थीं। विदेश मंत्रालय ने उनके दौरे को दोनों देशों के बीच निरंतर उच्चस्तरीय संपर्क और द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक गति का संकेत बताया। मंत्रालय के अनुसार, जून 2025 के बाद यह अनीता आनंद की भारत की तीसरी यात्रा है। इस दौरे से हाल के दिनों में हुई प्रगति को आगे बढ़ाने और द्विपक्षीय साझेदारी को अधिक मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
इससे पहले मंगलवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई थी। दोनों नेताओं ने भारत-कनाडा संबंधों में बनी सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने और व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा तथा लोगों के बीच संपर्क जैसे प्रमुख क्षेत्रों में ठोस परिणाम हासिल करने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और कनाडा मिलकर अधिक स्थिर और समृद्ध विश्व के निर्माण में योगदान दे रहे हैं।
आर्थिक साझेदारी और व्यापार समझौते पर भी फोकस
दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक संपर्क के बीच वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ भी बातचीत की। इस दौरान भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) की वार्ता को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
गोयल ने कहा कि प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे बाजार तक पहुंच बढ़े और व्यापार एवं निवेश के नए अवसर खुलें। उन्होंने विश्वास जताया कि सीईपीए दोनों देशों के बीच व्यापार को नई गति देने के साथ आर्थिक साझेदारी को भी मजबूत करेगा।
मनिंदर सिद्धू तीन दशकों में भारत आने वाले कनाडा के सबसे बड़े कारोबारी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में करीब 300 प्रतिनिधि शामिल हैं, जो विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संयुक्त उपक्रमों और कारोबारी सहयोग की संभावनाओं का आकलन करेंगे।
भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित आर्थिक समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के कारोबारियों और श्रमिकों के लिए नए अवसर पैदा करना है। हालिया उच्चस्तरीय बैठकों और व्यापार वार्ताओं से दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने तथा आर्थिक सहयोग का दायरा व्यापक करने की कोशिशों को बल मिलने की उम्मीद है।








